जौनपुर : फर्जी आईएएस अधिकारी चढ़ा पुलिस के हत्थे
# सचिवालय में नौकरी लगवाने के नाम पर करता था धन उगाही
जौनपुर।
विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
तहलका 24×7
शहर कोतवाली पुलिस व एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई में फर्जी आइएएस अधिकारी बनकर रौब गांठने वाले को धर दबोचा। उसके पास से लाल-नीली बत्ती लगी कार, लैपटाप, आइपैड, मोबाइल फोन, कई एटीएम कार्ड आदि बरामद हुए हैं। वह एक एप्प के जरिए मोबाइल नंबर बदलकर अधिकारियों व आमजन को गुमराह कर रहा था।
एएसपी (सिटी) डा. संजय कुमार ने बताया कि कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार सिंह व एसओजी प्रभारी आदेश त्यागी हमराहियों के साथ गुरुवार की सुबह रसूलाबाद तिराहा पर संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की चेकिग कर रहे थे। इसी दौरान चौकियां की तरफ से लाल व नीली बत्ती लगी एस-क्रास बनी कार नंबर यूपी-32 बीजी-6626 आती दिखी। रोककर पूछताछ किए जाने पर चालक ने खुद को अपर मुख्य सचिव गृह (एसीएस होम) का रिश्तेदार बताते हुए पुलिस पर रौब गांठने लगा। हाव-भाव संदिग्ध होने के कारण पुलिस ने ई-चालान एप के माध्यम से नंबर चेक किया। पुलिस का शक तब यकीन में बदल गया जब उक्त रजिस्ट्रेशन नंबर पर मालिक का नाम एक्जीक्यूटिव इंजीनियर लखनऊ डिवीजन शारदा कैनाल व कार स्विफ्ट डिजायर होना मिला। वह वाहन के कागजात भी मांगे जाने पर नहीं दिखा सका। पुलिस के सख्ती करने पर उसने अपना नाम हिमांशु कन्नौजिया निवासी भटेवरा थाना सरायख्वाजा बताया।

तलाशी में उसके पास से लैपटाप, आई-पैड, छह एटीएम कार्ड, पिस्टल जैसा लाइटर, 3340 रुपये व तीन मोबाइल फोन मिले। इनमें से दो मोबाइल फोन में फन काल ऐप इंस्टाल मिला। पूछताछ में आरोपित ने स्वीकार किया कि वह कूटरचित सरकारी नंबर प्लेट लगाकर चलता था ताकि वाहन किसी अधिकारी का प्रतीत हो। धोखाधड़ी, जालसाजी आदि सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोपित का चालान कर दिया।

गिरफ्तारी व बरामदगी करने वाली टीम में कोतवाली के एसएसआई रमेश कुमार यादव, भंडारी पुलिस चौकी प्रभारी रोहित कुमार मिश्र, एसओजी सर्विलांस सेल प्रभारी एसआई रामजनम यादव व उनके सहयोगी रहे। अधिकारियों पर भी जालसाज रौब जमाता था। शातिर दिमाग हिमांशु कनौजिया आम नागरिकों पर ही नहीं अधिकारियों पर भी रौब जमाता था। एप के माध्यम से अधिकारियों को एसीएस होम के नंबर से काल कर खुद को उनका रिश्तेदार बताते हुए जायज-नाजायज काम कराने को दबाव बनाता था। भतीजे को नौकरी दिलाने के नाम पर दीवान से रूपये ऐंठ लिए थे।

















