दशाश्वमेध घाट पर मां गंगा की आरती में शामिल हुईं भाग्यश्री, काशी की आध्यात्मिक आभा से हुईं अभिभूत
वाराणसी।
तहलका 24×7
भाग्यश्री ने शुक्रवार शाम दशाश्वमेध घाट पहुंचकर विश्व प्रसिद्ध मां गंगा की भव्य आरती में सहभागिता की।वैदिक मंत्रोच्चार,शंखध्वनि और सैकड़ों दीपों की मनमोहक आभा के बीच उन्होंने मां गंगा का पूजन अर्चन कर आरती का दर्शन किया।गंगा तट का आध्यात्मिक वातावरण और आरती की दिव्यता देखकर वह भाव-विभोर नजर आईं।

आरती के उपरांत गंगोत्री सेवा समिति ट्रस्ट की ओर से सचिव दिनेश शंकर दुबे ने भाग्यश्री का पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया।इस दौरान उन्हें काशी की प्राचीन धार्मिक परंपराओं,मां गंगा की महिमा तथा विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती की ऐतिहासिक व सांस्कृतिक विरासत की जानकारी भी दी गई।भाग्यश्री ने मां गंगा के समक्ष देश और विश्व में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।उन्होंने कहा कि काशी का आध्यात्मिक वातावरण,गंगा तट की अलौकिक छटा और दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती का अनुभव उनके जीवन के सबसे अविस्मरणीय अनुभवों में शामिल रहेगा।

गंगोत्री सेवा समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि दशाश्वमेध घाट पर प्रतिदिन होने वाली गंगा आरती केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं,बल्कि भारतीय संस्कृति,सनातन परंपरा और काशी की आध्यात्मिक पहचान का वैश्विक प्रतीक बन चुकी है।यही कारण है कि देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालु और पर्यटक इस दिव्य आयोजन के साक्षी बनने के लिए काशी पहुंचते हैं।


















