मरहूम अली हसन खान की बरसी पर मजलिस का आयोजन, इंसानियत और कर्बला के संदेश पर हुआ प्रकाश

मरहूम अली हसन खान की बरसी पर मजलिस का आयोजन, इंसानियत और कर्बला के संदेश पर हुआ प्रकाश

शाहगंज,जौनपुर। 
एखलाक खान 
तहलका 24×7
             भादी खास स्थित मस्जिद औलाद हुसैन में मरहूम अली हसन खान इब्ने रियासत हुसैन खान की बरसी के अवसर पर मजलिस का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में स्थानीय अकीदतमंदों एवं क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने शिरकत की।मजलिस को विशेष रुप से मुजफ्फरनगर से तशरीफ लाए शिया आलिम-ए-दीन मौलाना सैयद मोहम्मद हुसैन हुसैनी ने खिताब किया।
उन्होंने अपने बयान में इंसानियत,इस्लाम के सच्चे सिद्धांतों तथा कर्बला के शहीदों की कुर्बानियों पर विस्तार से रोशनी डाली।साथ ही मरहूम अली हसन खान की रूह के ईसाले-सवाब और मुल्क की खुशहाली, अमन व सलामती के लिए दुआ की।मजलिस की शुरुआत कुरआन-ए-पाक की तिलावत से हुई।इसके बाद मोहम्मद सैफ भादवी ने सोज़-ओ-सलाम पेश किया,जबकि इश्तेयाक हुसैन व हमनवां ने अपनी प्रस्तुति दी।
शोअरा खुशनूद भादवी,शमीम हुमायुपुरी,डॉ. हसीन भादवी तथा सैफ नवाब जौनपुरी ने बारगाह-ए-अहलेबैत में नजराना-ए-अकीदत पेश किया।अपने संबोधन में मौलाना ने कहा कि बरसी और मजलिसों का उद्देश्य केवल मरहूम को याद करना नहीं,बल्कि दीन के रास्ते पर चलने और समाज में भाईचारा,प्रेम एवं सद्भाव का संदेश फैलाना भी है।मशहूर नौहाखां नवेद फैसल सुल्तानपुरी ने नौहा”कहां ले चली मौत दूल्हा बना के” पेश किया,जिसे सुनकर उपस्थित अकीदतमंद भावुक हो उठे और पूरा माहौल”या हुसैन”और”या अब्बास”की सदाओं से गूंज उठा।
मजलिस का आयोजन खानवादा-ए-रियासत हुसैन (रियासत मंजिल) की ओर से किया गया।कार्यक्रम का संचालन हुसैन अब्बास भादवी ने किया।समापन पर मरहूम अली हसन खान की मगफिरत एवं बुलंद दरजात के लिए विशेष दुआ कराई गई।इस अवसर पर मौलाना क़मर रिज़वी,मौलाना महमूद अब्बास जौनपुरी,मौलाना सैयद आबिद हैदर खनवाई,मंसर अली,ज़फ़र हसन सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।
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