देश की प्रगति के लिए किसानों की जागरूकता जरूरी: हर्ष कुमार
पिंडरा, वाराणसी।
नितेश गुप्ता
तहलका 24×7
किसान भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।देश के चहुंमुखी प्रगति के लिए कृषकों की जागरूकता सबसे जरूरी है। हमें पुरानी लकीरों को मिटाकर नई इबारते लिखनी होगी। उक्त बातें कृषि एवं अवस्थापना कोष के तत्वावधान में आयोजित ब्लॉक स्तरीय कृषक गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि किसानों को संबोधित करते हुए सहायक आयुक्त सहकारिता हर्ष कुमार ने कही।

एडीसीओ पिंडरा विजयकुमार ने किसानों को नैनो उर्वरकों की गुणवत्ता के बारे में जानकारी देते हुए परम्परागत दानेदार उर्वरकों का अंधा मोह छोड़ने की अपील की। गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे करखियांव के पूर्व प्रधान विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि किसान देश का पेट पालता है। किसानों को सहकारिता और कृषि विभाग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलते हुए खेती को उसके उत्कर्ष पर ले जाना होगा।

वक्ताओं में प्रधान शशिकपूर कन्नैजिया, संतोष मौर्य, एडीओ सहकारिता दिलीप सोनकर, प्रियंका मिश्र ने भी सम्बोधित किया।संचालन करते हुए सहकारी सचिव परिषद के जिलाध्यक्ष ऋषि कुमार सिंह ने कहाकि सहकारिता और किसान एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और दोनों एक दूसरे की शक्ति हैं।गोष्ठी में सचिव गिरीश सिंह, विनोद दूबे, इन्दू प्रताप सिंह, अरविंद दूबे, नरेंद्र प्रताप सिंह समेत दर्जनों की संख्या में किसान उपस्थित रहे।
















