पाकिस्तान के खिलाफ भारत के 5 बड़े फैसले
# सिंधु जल संधि और पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा पर रोक
नई दिल्ली।
तहलका 24×7
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की अहम बैठक हुई। विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में लिए गए इन पांच बड़े फैसलों की जानकारी दी।बैठक में निर्णय लिया गया कि भारत और पाकिस्तान के बीच स्थित ऑटारी बॉर्डर चेक पोस्ट को बंद किया जाएगा। यह एक बड़ा कदम है जिससे दोनों देशों के बीच सीमित आवाजाही भी रुक जाएगी।

भारत का दूसरा सबसे बड़ा फैसला यह है कि पाकिस्तान में मौजूद भारत का दूतावास अब बंद किया जाएगा। भारत ने तीसरा कड़ा कदम उठाते हुए इंडस वॉटर ट्रीटी (सिंधू जल संधि) को भी रोक दिया है। आने वाले वक्त में इसका असर पाकिस्तान को काफी बड़े स्तर पर होगा। वहीं भारत में मौजूद सभी पाकिस्तान राजनायिकों को 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया गया है। अब पाकिस्तानी नागरिकों को भारत का वीजा नहीं मिलेगा।

SAARC वीजा छूट योजना के तहत पाकिस्तानी नागरिकों को भारत आने की अनुमति नहीं होगी। पहले से जारी वीजा रद्द किए गए हैं और उन्हें 48 घंटे में भारत छोड़ना होगा। नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग के रक्षा, नौसेना और वायुसेना सलाहकारों को पर्सोना नॉन ग्राटा घोषित किया गया। इन्हें एक सप्ताह में देश छोड़ना होगा। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को स्थिति का जायजा लेने और सरकार की रणनीति पर विचार-विमर्श करने के लिए सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति (सीसीएस) के बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक में प्रधानमंत्री के अलावा गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल एवं वरिष्ठ नौकरशाह मौजूद थे। शाह ने प्रधानमंत्री को हमले के बारे में जानकारी दी तथा इस घटना के बाद उठाए गए कदम पर चर्चा की। यह बैठक प्रधानमंत्री के सात, लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास पर शाम करीब छह बजे शुरू हुई और लगभग 8.30 बजे समाप्त हुई। इससे पहले, शाह ने पहलगाम के बैसरन का दौरा किया, जहां आतंकवादियों ने हमला किया था। साथ ही उन्होंने उस अस्पताल का भी दौरा किया जहां कुछ घायलों को भर्ती कराया गया है।

















