राम मंदिर दान विवाद: एसआईटी जांच तेज,प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंपी
अयोध्या।
तहलका 24×7
राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा विवाद लगातार गहराता जा रहा है।मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी है। हालांकि रिपोर्ट की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है,लेकिन जांच से जुड़े घटनाक्रमों ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय एसआईटी बीते कई दिनों से मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्थाओं,दान संग्रह प्रणाली और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर रही है।रिपोर्टों के अनुसार एसआईटी ने बड़ी संख्या में लोगों से पूछताछ की है और कई डिजिटल साक्ष्य भी एकत्र किए हैं।इस बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मामले को लेकर सरकार और जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

उन्होंने कथित दान गड़बड़ी को श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए जांच की निष्पक्षता पर भी टिप्पणी की है।वहीं भाजपा नेताओं ने जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचने की सलाह दी है।
मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है।गुरुवार को शीर्ष अदालत ने तत्काल सुनवाई की मांग स्वीकार नहीं की,याचिकाकर्ता को 29 जून को पुनः आने को कहा।विवाद के बीच ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का नाम भी चर्चा में है।हालांकि 25 जून तक उनके इस्तीफे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

न ही किसी सरकारी एजेंसी अथवा ट्रस्ट की ओर से उनके पद छोड़ने संबंधी कोई औपचारिक घोषणा की गई है।उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार चंपत राय अब भी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव हैं।उधर शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि दान और चढ़ावे के प्रबंधन में अनियमितताएं हुई हैं, जबकि ट्रस्ट से जुड़े पक्षों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई पर अब सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।


















