सीवर की सफाई के दौरान पिता-पुत्र की दम घुटने से मौत
# दो घंटे तक 20 फीट गहरे सीवर में फंसे रहे,ठेकेदार पर कार्रवाई के निर्देश
लखनऊ।
विजय आनंद वर्मा
तहलका 24×7
रेजिडेंसी क्षेत्र में सीवर लाइन की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से पिता-पुत्र की मौत हो गई।दोनों करीब दो घंटे तक 20 फीट गहरे सीवर में फंसे रहे।बाहर निकालकर उन्हें ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया,जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के अनुसार दोनों मजदूर एक ठेकेदार के अधीन कार्य कर रहे थे।

आरोप है कि बिना किसी सुरक्षा उपकरण के सीवर में उतारा गया था।उनके पास न ऑक्सीजन सिलेंडर था, न गैस डिटेक्टर और न ही सुरक्षा बेल्ट उपलब्ध कराई गई थी।घटना पर नगर आयुक्त गौरव कुमार ने दुख व्यक्त करते हुए संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।

साथ ही मृतकों के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा देने की बात कही।यह पहली घटना नहीं है।इससे पहले 8 मई को माल क्षेत्र में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से दो मजदूरों की मौत हो गई थी।विशेषज्ञों के अनुसार बंद सीवर और सेप्टिक टैंकों में मीथेन व हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी जहरीली गैसें जमा हो जाती हैं।पर्याप्त सुरक्षा उपायों के अभाव में अंदर उतरने वाले श्रमिकों का दम घुटने लगता है।

कई मामलों में एक व्यक्ति को बचाने के प्रयास में दूसरा व्यक्ति भी हादसे का शिकार हो जाता है।घटना के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। नगर निगम ने खुले मैनहोल और नालों को तत्काल ढकने तथा 24 घंटे निगरानी रखने के निर्देश जारी किए हैं।नागरिकों से भी अपील की गई है कि कहीं खुला मैनहोल दिखाई देने पर इसकी सूचना टोल फ्री नंबर 1533 पर दें।















