सुल्तानपुर : आलोचना का क्षेत्र व्यापक है, साहित्य के विद्यार्थियों को इस ओर देना चाहिए ध्यान- डॉ रंजना

सुल्तानपुर : आलोचना का क्षेत्र व्यापक है, साहित्य के विद्यार्थियों को इस ओर देना चाहिए ध्यान- डॉ रंजना

# राणा प्रताप कालेज की पुस्तक प्रदर्शनी में संगोष्ठी का आयोजन 

सुलतानपुर।
मुन्नू बरनवाल 
तहलका 24×7 
          ‘आलोचना और समीक्षा ने हिंदी साहित्य को नई ऊंचाई दी है। आलोचना का क्षेत्र व्यापक है। साहित्य के विद्यार्थियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए।’ यह बातें एसोसिएट प्रोफेसर डॉ रंजना पटेल ने कहीं। वे राणा प्रताप पीजी कालेज में हिन्दी विभाग व वाणी प्रकाशन समूह द्वारा संचालित पुस्तक प्रदर्शनी के पांचवें दिन आयोजित कार्यशाला को बतौर मुख्य वक्ता सम्बोधित कर रही थीं।
‘पुस्तक समीक्षा और आलोचना’ विषय पर आयोजित इस कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए हिन्दी विभागाध्यक्ष इन्द्रमणि कुमार ने कहा कि आलोचना पुस्तक समीक्षा के साथ शुरू होती है और अनंत तक जाती है।
असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ.विभा सिंह ने आलोचना और समीक्षा के अंतर पर व्यापक चर्चा की। कार्यशाला में विद्यार्थियों को पुस्तक समीक्षा और आलोचना के तौर तरीके बताये गये। संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि ने किया।

# कल होगा पुस्तक प्रदर्शनी का समापन

सुलतानपुर। राणा प्रताप पीजी कालेज में चल रही वाणी प्रकाशन समूह की छह दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी शनिवार को समाप्त हो जायेगी। यह जानकारी देते हुए संयोजक असिस्टेंट प्रोफेसर ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि ने बताया कि समापन पर पुस्तक खरीद पर जिले वासियों को प्रकाशक द्वारा विशेष छूट प्रदान की जायेगी। इस अवसर पर एक संगोष्ठी भी आयोजित की जायेगी।
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