अस्पताल में दर्ज सही नाम पता, फिर भी नहीं पिघला अपनों का दिल,72 घंटे से मोर्चरी में पड़ा है युवक का शव
जौनपुर।
गुलाम साबिर
तहलका 24×7
रिश्तों को झकझोर देने वाला एक मामला सामने आया है।कोतवाली थाना क्षेत्र के नक्खास मोहल्ला निवासी 38 वर्षीय अनिल कुमार गुप्ता का शव पिछले 72 घंटे से जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखा है, लेकिन अब तक कोई परिजन उसे लेने नहीं पहुंचा है।
जानकारी के अनुसार,29 जुलाई को अनिल कुमार गुप्ता पुत्र स्वर्गीय रामचंदर गुप्ता अहियापुर धरनीधरपुर स्थित बुआ जी हॉस्पिटल के पास झाड़ियों में अचेत अवस्था में मिले थे।

एक राहगीर ने मानवता का परिचय देते हुए 108 एम्बुलेंस से उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया,जहां उपचार के दौरान 3 अगस्त की सुबह करीब 11 बजे उनकी मृत्यु हो गई।बताया जा रहा है कि अस्पताल में भर्ती के समय अनिल ने अपना नाम और पता सही दर्ज कराया था। इसके बावजूद अब तक कोई परिजन शव लेने नहीं आया है।शव जिला अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखा गया है।स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि मृतक शहर के एक प्रतिष्ठित मिठाई व्यवसायी के परिवार से संबंधित था।

हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।इसलिए इसे तथ्य के रुप में नहीं कहा जा सकता।यह मामला पारिवारिक रिश्तों,सामाजिक संवेदनशीलता और सूचना तंत्र तीनों पर सवाल खड़े करता है।यदि परिजनों को सूचना दी जा चुकी है और फिर भी वे नहीं पहुंचे हैं, तो यह अत्यंत संवेदनशील और दुखद स्थिति है।वहीं यदि सूचना नहीं पहुंची,तो इसकी भी जांच आवश्यक है।फिलहाल पुलिस और अस्पताल प्रशासन की ओर से शव के अंतिम निस्तारण के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।


















