आजमगढ़ : एमडी ने किया चीनी मिल का निरीक्षण, खामियों पर लगाई फटकार
आजमगढ़। फैज़ान अहमद तहलका 24×7 लखनऊ से आई तीन सदस्यीय टीम ने शनिवार को दि किसान सहकारी चीनी मिल्स लिमिटेड सठियांव का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम को कई खामियां मिलने पर संबधित को फटकार भी लगाया। बसौधा गांव के गन्ना किसानों की अच्छी फसल देखकर उन्हें प्रोत्साहित भी किया।
तीन सदस्यीय टीम में एमडी रमाकांत पाण्डेय के साथ जीएम टेक्निकल विनोद अग्रवाल, मुख्य गन्ना सलाहकार आरसी पाठक चीनी मिल का घंटों निरीक्षण किया। सही काम पाए जाने पर जहां सन्तोष ब्यक्त किया वहीं खामियां मिलने पर संबधित को फटकार लगाई। इसके बाद टीम बसौधा गांव में पहुंची। गांव में किसानों द्वारा गन्ने की अच्छी फसल तैयार की गई थी। मिल में 1250 वाट का मोटर सीजन में जला था। टीम ने मोटर के जलने का कारण भी पूछा। गन्ना रोलर टूटने को लेकर भी पूछ ताछ किया। निरीक्षण के दौरान रिकवरी ठीक ठाक मिली। मिल परिसर में उगी घास को साफ करने का आदेश दिया। शौचालय में गंदगी देखकर नाराजगी जाहिर की।
जनरेशन प्लांट का ट्रांसफार्मर जल जाने का कारण पूछा तो अधिकारियों ने बताया कि इससे 15 मेगावट बिजली उत्पादन होगी जो पड़ोसी जनपद के मोहम्मदाबाद ग्रीड को आपूर्ति की जायेगी। आशवानी इकाई में रिकवरी सही न मिलने पर प्रभारी मैनेजर रविन्द्र सिंह को फटकार लगाया। टिश्यू कल्चर के निरीक्षण में वहां पर पौधा नहीं पाया गया जिस पर नाराजगी जताते हुए प्रभारी वैज्ञानिक डा. आरएन द्विवेदी को फटकार लगाई। एमडी ने कहा कि पौधे तैयार करके कम से कम बीस हजार किसानों को मुहैया कराकर काम प्रगति पर लाया जाय। प्रेसमड बहारी लोगों को न देकर किसानों को ही देना का निर्देश दिया।
जीएम लालता प्रसाद सोनकर से गन्ना खरीद व भुगतान के बारे में जानकारी लिया। जीएम ने बताया कि 82 करोड़ का गन्ना खरीदा गया है। जिसमें 42 करोड़ का भुगतान कर दिया गया है। शेष किसानों का भुगतान शीघ्र ही कर दिया जायेगा लेकिन 15 से लेकर 20 करोड़ का भुगतान अगले सत्र में हो सकता है। इस सत्र उत्पादन की गई 64 हजार क्विंटल चीनी बची है। इसको बेचने से मना किया गया है। जब चीनी का दाम बढ़ेगा तो बेचा जायेगा।
गन्ना के जूस की रिकवरी निजी चीनी मिल के अधिकारी कर्मचारी से ही कराया जाए। निरीक्षण के दौरान पूर्व उपसभापति ने शिकायत किया जिसका तत्काल निराकरण कर दिया। इस अवसर जीएम लालता प्रसाद सोनकर, प्रभारी मुख्य अभियंता मायाराम यादव, मुख्य गन्ना अधिकारी डॉक्टर विनय प्रताप सिंह, चीफ केमनिस्ट वीके यादव, मुख्य लेखाकार वैष्णो तिवारी, रविन्द्र सिंह, उप प्रबंधक राहुल कांत यादव, सौरभ यादव, बालकिशन यादव, वीके मिश्रा,आदि मौजूद रहे।