कैरी बैग के 16 रुपये लेना पड़ा महंगा,विशाल मेगा मार्ट पर 3,016 रुपये जुर्माना
# उपभोक्ता आयोग ने माना- कैरी बैग का अलग शुल्क लेना सेवा में कमी और अनुचित व्यापारिक व्यवहार
जौनपुर।
गुलाम साबिर
तहलका 24×7
खरीदारी के बाद कैरी बैग के नाम पर उपभोक्ता से 16 रुपये अतिरिक्त वसूलना विशाल मेगा मार्ट को महंगा पड़ गया।जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने कैरी बैग के लिए अलग से शुल्क वसूले जाने को सेवा में कमी और अनुचित व्यापारिक व्यवहार मानते हुए प्रतिष्ठान के मैनेजर को उपभोक्ता को कुल 3,016 रुपये अदा करने का आदेश दिया है।इसमें कैरी बैग के 16 रुपये,मानसिक पीड़ा के लिए 1,500 रुपये और परिवाद व्यय के रुप में 1,500 रुपये शामिल हैं।

आयोग ने पूरी धनराशि आदेश की तिथि से एक माह के भीतर भुगतान करने का निर्देश दिया है।जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह एवं सदस्य गीता ने यह आदेश जोगियापुर निवासी दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता हिमांशु श्रीवास्तव की ओर से दाखिल परिवाद पर सुनाया।परिवादी अधिवक्ता हिमांशु श्रीवास्तव ने आयोग को बताया कि उन्होंने 10 नवंबर 2024 को टीडी कॉलेज रोड स्थित हुसैनाबाद के विशाल मेगा मार्ट से 2,436 रुपये की खरीदारी की थी।

खरीदारी के बाद प्रतिष्ठान की ओर से कैरी बैग के लिए अलग से 16 रुपये वसूल किए गए।उनका कहना था कि खरीदारी से पहले अथवा खरीदारी के दौरान कैरी बैग के लिए अलग शुल्क लिए जाने की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई थी।इसके बावजूद बिल में कैरी बैग का अतिरिक्त शुल्क जोड़ दिया गया।इसे उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए उन्होंने 13 नवंबर 2024 को जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दाखिल किया।परिवादी की ओर से तर्क दिया गया कि जब कैरी बैग की कीमत उपभोक्ता से अलग से वसूली जा रही है तो वह भी एक वस्तु की श्रेणी में आता है।

ऐसे में उसकी कीमत और उससे संबंधित जानकारी उपभोक्ता को पहले से उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि वह कैरी बैग लेने या नहीं लेने का स्वतंत्र निर्णय कर सके।यह भी आरोप लगाया गया कि प्रतिष्ठान में ग्राहकों को अपना कैरी बैग लेकर अंदर जाने की अनुमति नहीं थी।इस व्यवस्था के कारण खरीदारी के बाद ग्राहकों को प्रतिष्ठान से ही कैरी बैग लेना पड़ता था। परिवादी ने खरीदारी की रसीद सहित अन्य दस्तावेज आयोग के समक्ष प्रस्तुत किए।

साथ ही राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के 22 दिसंबर 2020 के निर्णय का भी हवाला दिया।मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने कैरी बैग के लिए अतिरिक्त राशि वसूले जाने को सेवा में कमी एवं अनुचित व्यापारिक व्यवहार माना।आयोग ने विशाल मेगा मार्ट के मैनेजर को अधिवक्ता हिमांशु श्रीवास्तव को कैरी बैग के 16 रुपये, मानसिक पीड़ा के 1,500 रुपये और परिवाद व्यय के 1,500 रुपये समेत कुल 3,016 रुपये आदेश की तिथि से एक माह के भीतर अदा करने का निर्देश दिया।

गौरतलब है कि इससे पहले बाजार कोलकाता और वी-मार्ट पर भी कैरी बैग के लिए छह रुपये अतिरिक्त वसूलने के मामलों में उपभोक्ता फोरम ने 3,000 रुपये का हर्जाना लगाया था। दोनों प्रतिष्ठानों की ओर से उक्त धनराशि फोरम में जमा भी कराई जा चुकी है।


















