गेल यार्ड में भीषण आग से मचा हड़कंप,40 फीट ऊंची लपटें देख सहमे लोग
# बीडी वेंचर के हाइड्रेंट और दमकल टीम की तत्परता से टला बड़ा हादसा, हाईवे की एक लेन करनी पड़ी बंद
वाराणसी।
नितेश गुप्ता
तहलका 24×7
फूलपुर थाना क्षेत्र के करखियाव स्थित गेल सीएनजी पंप से लगभग 50 मीटर दूर बने यार्ड में शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे भीषण आग लगने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया।शुरुआती जानकारी के अनुसार शॉर्ट सर्किट के कारण लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया।आग की करीब 40 फीट ऊंची लपटें दो किलोमीटर दूर से दिखाई पड़ रही थीं, जिससे आसपास के ग्रामीणों और राहगीरों में दहशत फैल गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस,दमकल विभाग तथा प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए।सुरक्षा की दृष्टि से वाराणसी-जौनपुर हाईवे की एक लेन को अस्थायी रुप से बंद कर दिया गया,ताकि किसी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।आग तेजी से फैल रही थी और देखते ही देखते घटनास्थल पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई।सूत्रों के मुताबिक आग की चपेट में आकर तीन लोगों के झुलसने की सूचना मिली है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी।

आग पर काबू पाने के लिए आधा दर्जन से अधिक दमकल वाहनों को लगाया गया,लेकिन आग की भयावहता के चलते उसे नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।एग्रो पार्क स्थित विभिन्न कंपनियों के हाइड्रेंट का भी उपयोग किया गया।आग की लपटें जिस दिशा में बढ़ रही थीं,उससे एग्रो पार्क की दर्जनों औद्योगिक इकाइयों के चपेट में आने का खतरा पैदा हो गया।ऐसे में बीडी वेंचर ग्रुप के अधिकारियों की सूझबूझ और उनके परिसर में स्थापित हाइड्रेंट सिस्टम ने बड़ी भूमिका निभाई।

कंपनी के राजेश अग्रवाल और कौस्तुभ अग्रवाल ने बताया कि तीन लाख लीटर क्षमता वाले हाइड्रेंट को तत्काल सक्रिय कर दिया गया,जिससे आग को दक्षिणी और पश्चिमी दिशा में फैलने से रोका जा सका।बताया गया कि पछुआ हवा चलने के कारण आग एग्रो पार्क की ओर नहीं बढ़ सकी।यदि हवा की दिशा विपरीत होती तो दर्जनों फैक्ट्रियां इसकी चपेट में आ सकती थीं और नुकसान कई गुना अधिक होता।घटना के दौरान यह बात भी सामने आई कि गेल परिसर के पास आग बुझाने के लिए पर्याप्त हाइड्रेंट व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी।

स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के बीच यह चर्चा का विषय बना रहा कि इतनी संवेदनशील औद्योगिक इकाई में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए। हादसे ने औद्योगिक क्षेत्रों में अग्निशमन व्यवस्था और सुरक्षा मानकों की तैयारियों की पोल खोल दी।गनीमत रही कि आग को सीएनजी पंप की ओर बढ़ने से पहले ही रोक लिया गया,अन्यथा स्थिति कहीं अधिक भयावह हो सकती थी।मौके पर एसडीएम प्रतिभा मिश्रा, तहसीलदार कुलवंत सिंह,नायब तहसीलदार राधेश्याम यादव, एसीपी प्रशांत सिंह, lइंस्पेक्टर राजीव कुमार सिंह,चौकी प्रभारी अमित पांडेय सहित फायर ब्रिगेड के वरिष्ठ अधिकारी देर रात तक मौजूद रहे और राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी करते रहे।आग लगने के कारणों की जांच शुरु कर दी गई है।


















