जौनपुर : थाने में बैठा है फर्जी मूल्यांकन करने वाला आरोपी

जौनपुर : थाने में बैठा है फर्जी मूल्यांकन करने वाला आरोपी

# तहरीर देने में हीला-हवाली दिखा रहा विवि प्रशासन

जौनपुर।
विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
तहलका 24×7
                 पूर्वांचल विश्वविद्यालय में बुधवार को केंद्रीय मूल्यांकन भवन में फर्जी तरीके से मूल्यांकन करते पकड़े गए सुभाषचंद्र यादव के खिलाफ तहरीर देने में विश्वविद्यालय प्रशासन आनाकानी कर रहा है। 24 घंटे बीत जाने के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को भी तहरीर नहीं  दी। इतना ही नहीं, अधिकारी इस मामले में कुछ भी बोलने से अपने को बचा रहे हैं। दूसरी ओर आरोपी को थाने में बैठाया गया है। कार्रवाई करने के लिए पुलिस भी तहरीर मिलने का इंतजार कर रही है।

विश्वविद्यालय में चल रहे शिक्षा शास्त्र विषय के मूल्यांकन के दौरान सुभाषचंद यादव अपनी गलतियों की वजह से पकड़ में आ गया। सुभाषचंद यादव ने बताया कि उसके ग्रुप में तारकेश 2018 से लगातार फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे विश्वविद्यालय में मूल्यांकन कर रहा है, लेकिन विश्वविद्यालय को इसकी भनक तक नहीं लगी है। लगभग एक लाख से ज्यादा का विश्वविद्यालय से उसने भुगतान भी करा लिया है। पकड़ा गया फर्जी परीक्षक सुभाषचंद्र यादव ज्ञानस्थली इंटर कॉलेज भर्तीपुर आजमगढ़ में प्राइवेट विद्यालय में पढ़ाता है, जो थाने में बैठाया गया है और अपने किए पर पछता रहा है। दोपहर में वह रो रहा था। इसे समझाते हुए पुलिसकर्मियों ने खाना खिलाया। विश्वविद्यालय में जब फर्जी परीक्षक मूल्यांकन करते पकड़ लिया गया तो विश्वविद्यालय प्रशासन उसके खिलाफ तहरीर देने में हीला-हवाली क्यों कर रहा है। जिम्मेदार अधिकारी भी इस मामले में पूछने पर कोई साफ जवाब नहीं दे रहे हैं। तहरीर देने के लिए दूसरी की जिम्मेदारी बताकर बात को टाल दे रहे हैं।

# विवि के अधिकारी, शिक्षक और कर्मचारी भी निशाने पर

विश्वविद्यालय में पकड़े गए फर्जी परीक्षक के खिलाफ तहरीर नहीं दिए जाने से विवि के अधिकारी, शिक्षक और कर्मचारी शक के दायरे में आ रहे हैं। 24 घंटे बीत जाने के बाद भी आरोपी के खिलाफ तहरीर नहीं दी गई है। पुलिस का कहना है कि परीक्षा विभाग का मामला है तहरीर देकर कार्रवाई कराएं। परीक्षा नियंत्रक वीएन सिंह ने भी यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि उन्होंने नजदीकी पुलिस चौकी को एक पत्र सौंप दिया है। कुलपति के संज्ञान में मामला डाल दिया गया है। वह वादी नहीं बनेंगे। इस मामले में विवि परिसर के कुछ लोगों का हाथ होने का कयास लगाया जा रहा है लेकिन अभी कोई कुछ खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। रोज की तरह बृहस्पतिवार को भी परीक्षक मूल्यांकन करने के लिए पहुंचे। मूल्यांकन केंद्र पर न तो सतर्कता बढ़ाई और न ही परीक्षकों का सत्यापन किया जा रहा है।

# यूजी में अनुमोदित परीक्षक कर रहे पीजी का मूल्यांकन

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में फर्जी परीक्षक पकड़े जाने के बाद भी विवि प्रशासन मूल्यांकन को लेकर सतर्क नहीं हो रहा है। बृहस्पतिवार को यूजीसी में अनुमोदित परीक्षक पीजी की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करते पाए गए हैं। बदलापुर की एक अध्यापिका ने इसका विरोध किया तो मौजूद जिम्मेदार लोगों ने कहा कि अगर ऐसा है तो उनके ऊपर कार्रवाई की जाएगी। मूल्यांकन कर रहे परीक्षकों ने बताया कि वहां पर मौजूद जिम्मेदार लोग अपने चहेतों को बुलाकर पीजी का मूल्यांकन करा रहे हैं। इनका अनुमोदन केवल यूजी के लिए हुआ है। परीक्षा नियंत्रक से जब इस संबंध में जानकारी की गई तो उन्होंने कहा कि कोआर्डिनेटर अगर इसकी सूचना देंगे, ऐसे परीक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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