जौनपुर : पिता-पुत्र की मौत से स्वजनों पर टूटा पहाड़

जौनपुर : पिता-पुत्र की मौत से स्वजनों पर टूटा पहाड़

# पत्नी और बहू की एक साथ उजड़ गई मांग

खुटहन।
मुलायम सोनी
तहलका 24×7
               क्षेत्र अंतर्गत सम्मनपुर गांव निवासी पिता-पुत्र के स्वजनों के लिए शुक्रवार का दिन दिल दहला देने वाला रहा, इसकी पीड़ा वे आजीवन भूल नहीं पायेगे। कहते है प्रकृति कब और क्या लीला रच दे यह किसी को भी पता नहीं होता। पिता-पुत्र दोनों एक ही बाइक से तड़के सुबह रिश्तेदार के घर हुई मौत के गम में शामिल होने गये थे। उन्हें क्या पता था कि यही संवेदना प्रकट करना उन दोनों के जीवन की अंतिम जिम्मेदारी होगी। इसके बाद समाज के लोग उनके घर आकर स्वजनो को ढांढस बंधाएगे।

सदैव वही हुआ है जो प्रकृति ने चाहा। पिता-पुत्र की एक साथ हुई मौत से स्वजनों पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा। एक साथ विधवा हुई सास-बहू दोनों राते-रोते बेसुध हो जा रही है। परिजनों के करुण क्रंदन से गांव में शोक की लहर छा गयी।गांव निवासी अवकाश प्राप्त प्रधानाचार्य रमेश तिवारी अपने पुत्र कृष्ण कुमार के साथ शुक्रवार की भोर बाइक पर बैठ बक्शा थाना क्षेत्र के बीबीपुर गांव में अपने रिश्तेदार के निधन पर स्वजनों को ढांढस बंधाने गये थे।

जहाँ से वापस लौटते समय देवरामपुर गांव के पास किसी अज्ञात वाहन के धक्के से बाइक असंतुलित होकर पेड़ से टकरा गई। जिसमे पिता-पुत्र दोनों की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हृदय विदारक घटना की जानकारी होते ही स्वजनों में चीख पुकार मच गयी। विधवा हुई विद्या देवी पति और पुत्र दोनों को एक साथ खोने के गम में रोते-रोते मानो विक्षिप्त सी हो गई। वहीं कच्ची गृहस्थी में पति का साथ हमेशा के लिए छूट जाने से रेनू देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। अनाथ हुए दो पुत्र 21 वर्षीय मयंक और 19 वर्षीय सुधांशु व दो पुत्रियां 15 वर्षीय मीनाक्षी और 13 वर्षीय सारिका पिता और दादा के एक साथ बिछुड़ने के सदमें से उनकी आँखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे है। स्वजनों के करुण विलाप से पूरा माहौल मातमी हो गया है
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