जौनपुर : पूर्वांचल विश्वविद्यालय में मूल्यांकन करते फर्जी शिक्षक गिरफ्तार

जौनपुर : पूर्वांचल विश्वविद्यालय में मूल्यांकन करते फर्जी शिक्षक गिरफ्तार

जौनपुर।
विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
तहलका 24×7
              पूर्वांचल विश्वविद्यालय के मूल्यांकन केंद्र पर बुधवार को उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करते फर्जी शिक्षक को पकड़ा गया वहीं नौ अन्य परीक्षक फरार हो गए। फरार शिक्षकों का विवरण विश्वविद्यालय प्रशासन जुटा रहा है।मूल्यांकन केंद्र पर छह सौ से अधिक परीक्षक स्नातक, परास्नातक की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर रहे हैं। एक परीक्षक शिक्षा शास्त्र की कॉपियां जांचने के बाद जमा करने आया।

कापी एलाट लेटर पर कोआर्डिनेटर का हस्ताक्षर संदिग्ध लगा। पूछताछ के दौरान वह सवालों का सही जवाब नहीं दे पाया। इसके बाद जांच में उसकी आईडी फर्जी पाई गई। तलाशी में उसके पास से कई मुहर, आईडी व फर्जी कागजात बरामद हुए। पकड़ा गया फर्जी परीक्षक सुभाष चंद्र रसूलपुर किरहिया तरवा आजमगढ़ का रहने वाला है। उसके पास से सहायक अध्यापक ज्ञानस्थली इंटर कॉलेज भरर्थीपुर आजमगढ़ का पहचान पत्र बरामद हुआ। उस पर योग्यता एमए हिंदी दर्ज है। जांच में यह भी फर्जी निकला। आरोपी न कहीं शिक्षक है किसी प्राइवेट स्कूल में पढ़ाता है। इसी दौरान पता चला कि नौ और परीक्षक फरार हो गए। इसमें अशोक कुमार, वीरेंद्र कुमार, सतीश, अगस्त, आशीष कुमार, जीतबहादुर, मनीष कुमार, आलोक, तारकेश शामिल हैं। आरोपी सुभाष ने बताया कि ये सभी मई की शुरुआत से यहां शिक्षाशास्त्र, समाजशास्त्र, गृहविज्ञान, वनस्पति विज्ञान, भूगोल की कॉपियों का मूल्यांकन कर चुके हैं।

 

पूर्वांचल विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक व्यास नारायण सिंह ने बताया कि फर्जी परीक्षक पकड़े जाने का मामला संज्ञान में आया है। कॉपियों का मूल्यांकन दुबारा कराया जाएगा। आरोपी को पुलिस को सौंप दिया गया है। उसका रिकार्ड जुटाया जा रहा है। मूल्यांकन केंद्र पर एक दर्जन फर्जी परीक्षक दर्जनों विषयों का मूल्यांकन कर चुके हैं। एक गिरोह है जो मूल्यांकन केंद्रों पर संबंधित परीक्षकों के जरिए फर्जी आईडी के दम पर दाखिल होता है। विश्वविद्यालयों में भूगोल, गृह विज्ञान, शिक्षाशास्त्र, हिंदी, वनस्पति विज्ञान, जंतु विज्ञान समेत एक दर्जन विषयों का मूल्यांकन कर चुके।

जिससे यह हजारों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर चुके हैं। यह गिरोह फैजाबाद, गोरखपुर, सिद्धार्थ नगर, काशी विद्यापीठ समेत कई विवि में फर्जी प्रमाण पत्रों के साथ मूल्यांकन कार्य किया है। पकड़ने पर मूल्यांकन का 10 प्रतिशत भुगतान करके मामला रफा-दफा कर देते हैं।फर्जी परीक्षक पड़ने का मामला संज्ञान में आया है। कॉपियों का मूल्यांकन पुन: कराया जाएगा। पकड़े गए आरोपी को चौकी पुलिस को सौंप दिया गया है। उसका रिकार्ड जुटाया जा रहा है।
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