जौनपुर : बाल दिवस पर याद किए गये चाचा नेहरू, मदर निसा फाउंडेशन के तत्वाधान में आयोजन
शाहगंज।
राजकुमार अश्क
तहलका 24×7
सामाजिक संस्था मदर निसा फाउंडेशन के आजमगढ़ रोड स्थित कार्यालय पर आधुनिक भारत के शिल्पकार पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्म दिवस के अवसर पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सर्वप्रथम संस्था के वरिष्ठ संस्थापक सदस्य जेया अनवर द्वारा पं. जवाहरलाल नेहरू के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजली दी गई

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जेया अनवर ने उपस्थित सभी सदस्यों को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत माता को दासता की बेड़ियों से छुटकारा दिलाने में पंडित जवाहरलाल नेहरू की भूमिका अग्रणी रही है। साधन सम्पन्न होने के बावजूद भी पंडित जवाहरलाल नेहरू अंग्रेंजों द्वारा प्रताड़ित होकर जेल जाना ज्यादा पसंद करते थे। भारत माँ के आंचल के यह एक अनमोल हीरा थे इनका पूरा जीवन ही आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। इतने वर्ष बीत जाने के बाद भी बच्चे उन्हें चाचा नेहरू कहते हैं और उनके जन्म दिन को बाल दिवस के रूप में मनाते है।

संस्था के सदस्य डाॅ काशिफ ने इस आधुनिक भारत के निर्माता को अपना श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता है। संस्था के सदस्य गुफरान अहमद ने पंडित जवाहरलाल नेहरू के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू जैसे महापुरुष कल जितने प्रासंगिक थें आज भी उतनें है उनका जीवन हम सबके लिए प्रेरणास्रोत हैं आज़ादी से पहले और आजा़दी के बाद पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा देश के प्रति किए गये कार्यों का उल्लेख करते हुए सदस्य राजीव सिंह ने कहा कि जिस समय हमारा देश आजा़द हुआ था उस समय देश के सामने विकट परिस्थितियों थी मगर अपनी सूझबूझ से उन परिस्थितियों का सामना करते हुए जवाहरलाल नेहरू ने भारत को अग्रणी देशों की कतार में लाकर खड़ा कर दिया।

इस अवसर पर राजीव सिंह, बेलाल, रविशंकर वर्मा, राजकुमार अश्क़, डाक्टर काशिफ, रोहित मौर्या, अरूण यादव, एख़लाक़ खान, गुड्डू यादव, रिज़वान अहमद, सूफियान अंसारी, महफूज़ अहमद, बालयोगी करन गुरु, आदि संस्था के सदस्य एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।
















