जौनपुर : विभागीय उपेक्षा के चलते शोपीस बना ग्राम सचिवालय

जौनपुर : विभागीय उपेक्षा के चलते शोपीस बना ग्राम सचिवालय

# नहीं बैठते हल्का लेखपाल, सचिव, सिपाही, एएनएम, आशा व आंगनबाड़ी

# विवश होकर ग्रामीण लगा रहे हैं ब्लॉक, तहसील व जिला मुख्यालय का चक्कर

जौनपुर।
विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
तहलका 24×7
                 गांव की समस्याओं को गांवों में सुलझाने और गांवों के विकास के लिए ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बने ग्राम सचिवालय में संबंधितों के नहीं बैठने से फिलहाल शोपीस बनकर रह गए हैं। हाल यह है कि ग्राम सचिवालयों में न तो हल्का लेखपाल व सचिव बैठ रहे हैं और न ही हल्का सिपाही, एएनएम, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ही बैठ रहे हैं। इसके कारण आज भी ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर ब्लॉक, तहसील व जिला मुख्यालय का चक्कर लगाने को विवश हो रहे हैं। विभागीय उपेक्षा के चलते शासन की मंशा फलीभूत होती नजर नहीं आ रही है।
ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करने के मद्देनजर सरकार की ओर से ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय बनाने का फरमान दिया गया था, जिसमें पंचायत सहायक सहित सचिव, हल्का लेखपाल, बीट सिपाही, एएनएम, आशा कार्यकर्ता व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मौजूद रहकर ग्रामीणों की समस्याओं को सुनने और उनको हल कराने का निर्देश दिया गया है। जिले में मौजूद कुल 1740 ग्राम पंचायतों में से अब तक 1436 ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय बन चुके हैं। इन ग्राम सचिवालयों को कंप्यूटर, वाईफाई, नेट, डेस्क व बेंच आदि संसाधनों से लैस किया चुका है, लेकिन इन ग्राम सचिवालयों में जिम्मेदार नहीं बैठ रहे हैं, जिससे ग्रामीणों की समस्याओं का फिलहाल निस्तारण नहीं हो पा रहा है।

# शाहगंज में सबसे ज्यादा, बरसठी ब्लॉक में सबसे कम बने हैं ग्राम सचिवालय

जिले के सभी 21 ब्लॉकों में ग्राम सचिवालय बनाए जाने के आंकड़े पर नजर दौड़ाया जाए तो सबसे कम बरसठी ब्लॉक में ग्राम सचिवालय बने हैं। बदलापुर ब्लॉक में 85, बक्शा में 40, बरसठी में 21, धर्मापुर में 35, डोभी में 59, जलालपुर में 49, करंजाकला में 92, केराकत में 65, खुटहन में 92, मछलीशहर में 85, महराजगंज में 85, मडि़याहूं में 51, मुफ्तीगंज में 48, मुंगरा बादशाहपुर में 70, रामनगर में 89, रामपुर में 79, शाहगंज में 103, सिकरारा में 70, सिरकोनी में 45, सुईथाकला में 75 व सुजानगंज में 95 ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय मौजूद हैं।

# क्या कहना है ग्रामीणों का…

राजेपुर ग्राम पंचायत में ग्राम सचिवालय तो बन गया है और संसाधनों से भी लैस हो चुका है, लेकिन अभी तक पंचायत सहायक को छोड़कर और संबंधित लोग नहीं बैठ रहे हैं, जिससे आज भी समस्याओं का निस्तारण कराने के लिए ब्लॉक, तहसील व जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है, जिससे दिक्कत हो रही है। – कृष्णा यादव, राजेपुर
खलियाखास ग्राम पंचायत में ग्राम सचिवालय बना हुआ है। उसमें संसाधन भी मौजूद हो गए हैं, लेकिन जिम्मेदार कर्मचारी अभी तक नहीं बैठ रहे हैं। उसमें ताला बंद रहता है, जबकि संबंधित कर्मचारियों को 10 बजे से लेकर शाम पांच बजे तक बैठने का फरमान है, लेकिन उनके नहीं बैठने से समस्याओं का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। – रामप्रकाश पांडे, खलियाखास
इस संदर्भ में जिला पंचायत राज अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने ग्राम सचिवालयों से संबंधित सभी कर्मचारियों को उसमें बैठने का निर्देश दिया है, जिसके क्रम में सभी बीडीओ को इसकी जानकारी पत्र के माध्यम से दी जा चुकी है। जांच की जाएगी, जो कर्मचारी मौजूद नहीं पाया जाएगा, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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