जौनपुर : हीट स्ट्रोक से सात लोगों की मौत

जौनपुर : हीट स्ट्रोक से सात लोगों की मौत

जौनपुर।
विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
तहलका 24×7
                उमस भरी गर्मी, तेज धूप के कारण लोगों के बीमार पड़ने का ग्राफ कम होने का नाम नहीं ले रहा  है। बुधवार को जौनपुर के विभिन्न हिस्सों में गर्मी और हीट स्ट्रोक के कारण कुल सात लोगों की जान चली गई, जबकि 30 से अधिक लोग बीमार होकर विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हुए। जिन लोगों की मौत हुई वे सभी बीमार होने के बाद जिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे थे। उधर, परिजन मृतकों के शव को लेकर घर चले गए।

इस समय तेज धूप और गर्मी चरम पर है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही से हीट स्ट्रोक यानी लू लगने का खतरा बढ़ गया है। एक सप्ताह से अस्पतालों में भी हीट स्ट्रोक के मरीजों के आने का सिलसिला बढ़ गया है। कारण, अधिकतम तापमान 44-45 डिग्री पार हो चुका है। ऐसे में सभी को बढ़ती गर्मी के कारण रहन-सहन और खानपान में बदलाव करना जरूरी हो गया है। विगत एक सप्ताह से तापमान दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक 44 से 45 डिग्री सेल्सियस पहुंच जा रहा है। जिससे व्यक्ति के शरीर का तापमान संतुलन बिगड़ जा रहा  है। जिससे जो मरीज 70 वर्ष के ऊपर के हैं वह बेहोश हो जा रहे हैं। लंबी-लंबी सांस लेने लगते हैं। ऐसी स्थिति में शरीर को बर्फ के पानी से पोंछते रहना चाहिए। इसी बीच किसी नजदीक के डाक्टर के यहॉं भर्ती कराकर इलाज शुरू कर देना चाहिए। ताकि जल्द से जल्द बुखार पर नियंत्रण किया जा सके। अन्यथा की हालत में 30 से 40 प्रतिशत लोग जान गंवाने के स्थित में पहुंच जाते हैं।

देखा जाए तो अस्पतालों में भी विगत एक सप्ताह से हीट स्ट्रोक के मरीजों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है।हीट एग्जॉशन गर्मी की एक आम समस्या है। यह तेज धूप या गर्मी में अधिक समय तक रहने से हो सकती है। आमतौर पर शरीर से पसीने के रूप में गर्मी निकलती रहती है। लेकिन इस समस्या में शरीर का नेचुरल कूलिंग सिस्टम काम करना बंद कर देता है। जिससे तापमान 100 डिग्री फॉरेनहाइट से अधिक हो सकता है। इसे हीट स्ट्रोक कहते हैं। अगर शरीर का तापमान 102 डिग्री फॉरेनहाइट से ज्यादा होने लगते तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

# कोतवाली चौराहे पर मृत मिला वृद्ध

शहर कोतवाली चौराहे पर दोपहर 12 बजे एक वृद्ध मृत पाया गया। जिसकी उम्र 70 साल आंकी जा रही थी। लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल आई। जहां डाक्टरों के मृत घोषित करने पर उसे लिखापढ़ी के बाद मर्चरी हाउस में रखवा दिया गया है। शव को देखने के बाद अनुमान लगाया जा रहा था कि वृद्ध की मौत लू लगने से हुई है।
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