स्थानीय व्यंजन हमारी संस्कृति और पहचान के वाहक: कमलेश पाण्डेय

स्थानीय व्यंजन हमारी संस्कृति और पहचान के वाहक: कमलेश पाण्डेय

पिंडरा, वाराणसी। 
नितेश गुप्ता 
तहलका 24×7
             महानिदेशक स्कूल शिक्षा उत्तर प्रदेश के निर्देशन में आयोजित भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर के चौथे दिन कंपोजिट स्कूल रमईपट्टी के छात्रों ने स्थानीय व्यंजनों की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान बच्चों ने मसालों,अनाजों,सब्जियों एवं फलों से बनने वाले विभिन्न प्रकार के व्यंजनों के बारे में शिक्षकों एवं रसोइयों से जानकारी ली तथा पाक कला कौशल में भी हाथ आजमाया।
छात्रों ने शिक्षकों के मार्गदर्शन में कई प्रकार के व्यंजन तैयार किए और अपने साथियों के साथ उनका स्वाद भी चखा।कार्यक्रम के आयोजक एवं स्टेट अवॉर्डी शिक्षक कमलेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि वाराणसी अपने स्वादिष्ट और पारंपरिक व्यंजनों के लिए विश्व प्रसिद्ध है।उन्होंने बताया कि सुबह के समय गरमा-गरम कचौड़ी-सब्जी और जलेबी लोगों की खास पसंद है।
इसके अलावा टमाटर चाट,पानी पुरी और दही-भल्ला भी यहां के लोकप्रिय व्यंजनों में शामिल हैं।उन्होंने कहा कि मिठाइयों में मलाईयो और रबड़ी की विशेष पहचान है।शिक्षिका प्रतिमा देवी एवं स्नेहा श्रीवास्तव ने बच्चों को स्थानीय व्यंजनों के बारे में जानकारी देकर उनकी संस्कृति और परंपरा से परिचित कराया।
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Tahalka24x7
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