पति ने पत्नी की प्रेमी से कराई शादी, खुद दिया आशीर्वाद
जौनपुर।
गुलाम साबिर
तहलका 24×7
रिश्तों में अक्सर टकराव, विवाद और मुकदमे देखने को मिलते हैं, लेकिन जिले में एक पति ने ऐसा निर्णय लिया, जिसने लोगों को चौंका दिया। मानवीय संवेदना और त्याग की मिसाल पेश करते हुए पति ने पत्नी की उसके प्रेमी से पूरे विधि-विधान के साथ शादी करवाई और स्वयं दोनों को आशीर्वाद दिया।
यह दृश्य कचहरी परिसर स्थित मंदिर में देखने को मिला, जहां अधिवक्ताओं, दोनों पक्षों के परिजनों और परिचितों की मौजूदगी में विवाह संपन्न कराया गया। पत्नी ने जयमाल पहनाई, प्रेमी ने उसकी मांग में सिंदूर भरा और पति इस पूरे फैसले का गवाह ही नहीं, बल्कि सबसे बड़ा समर्थक भी बना।

मिर्जापुर निवासी तन्जय प्रजापति की शादी वर्ष 2022 में जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र की पम्मी प्रजापति से हुई थी। वर्ष 2023 में दोनों का एक बच्चा भी हुआ। इसके बाद पति-पत्नी महाराष्ट्र में रहने लगे। इसी दौरान पम्मी अपने प्रेमी राजू बैरागी के साथ मुंबई से गांव लौट आई। जानकारी मिलने पर तन्जय ने नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराई और जौनपुर पहुंचा।परिस्थितियों को समझने के बाद तन्जय ने विवाद या प्रतिशोध का रास्ता छोड़कर आपसी सहमति का निर्णय लिया।

उसने पत्नी और उसके प्रेमी को मंदिर ले जाकर विवाह कराया और कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं की मौजूदगी में लिखित सहमति भी दर्ज कराई। इसके बाद पत्नी को उसके प्रेमी के साथ विदा कर दिया।सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सबसे भावुक क्षण वह रहा, जब तन्जय स्वयं आगे बढ़कर नवदंपती को आशीर्वाद देता नजर आया। मीडिया से बातचीत में तन्जय प्रजापति ने कहा कि वर्तमान समय में प्रेम संबंधों को लेकर कई गंभीर घटनाएं सामने आ रही हैं।

उन्होंने बच्चे की सुरक्षा और भविष्य को ध्यान में रखते हुए उसे अपने साथ रखने का फैसला किया। वहीं पम्मी प्रजापति ने बताया कि उसकी शादी बिना उसकी इच्छा के कराई गई थी और वह अपने पति से खुश नहीं थी। उसने कहा कि वह अपने स्कूल के साथी राजू बैरागी से प्रेम करती है और उसी के साथ जीवन बिताना चाहती है। राजू बैरागी ने बताया कि उसकी पहले शादी हो चुकी थी, लेकिन पत्नी के निधन के बाद वह अकेला था। बातचीत के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और अब वे साथ रहना चाहते हैं।

मामले से जुड़े अधिवक्ताओं के अनुसार यह निर्णय आपसी सहमति से लिया गया और सभी पक्षों की मौजूदगी में आवश्यक लिखित प्रक्रिया पूरी की गई। फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ की याद दिलाने वाली यह घटना अब सिर्फ जौनपुर ही नहीं, प्रदेश में चर्चा का विषय बनी है। कुछ लोग इसे त्याग और समझदारी की मिसाल मान रहे हैं, तो कुछ इसे बदलते सामाजिक रिश्तों की तस्वीर बता रहे हैं।








