बांदा : हुज़ूर… अभी हम जिंदा हैं, मेरे साथ न्याय कीजिए
बांदा/लखनऊ।
विजय आनंद वर्मा
तहलका 24×7
बांदा में एक बुजुर्ग महिला एसडीएम से वृद्धा पेंशन दिलाने की गुहार लगाने पहुंची। बुजुर्ग महिला ने कहा कि “साहब! मैं जिंदा हूं, गांव के सचिव ने मुझे मृत दिखाकर मेरी पेंशन रोक दी है। हुजूर.. मेरे साथ न्याय कीजिए और जल्द से जल्द मेरी पेंशन दिलवा दीजिए” बुजुर्ग महिला की जनवरी 2022 से पेंशन रुकी है और वह अधिकारियों के चक्कर काट-काट कर थक चुकी है, अब उसके पास गांव से तहसील आने तक के पैसे नहीं है।

यह मामला महुआ ब्लॉक तहसील नरैनी क्षेत्र के सरस्वाह गांव का है। यहां रहने वाली 72 साल की बुजुर्ग महिला को पिछले 10 सालों से वृद्धा पेंशन मिल रही थी, लेकिन जनवरी 2022 में उसके खाते में पेंशन आई थी और उसके बाद बंद हो गई।बैंक जाने पर उसे पता चला कि विभाग द्वारा उसकी पेंशन रोक की दी गई है। विभाग के कई चक्कर काटे ने वहां पर उसकी किसी ने एक न सुनी। इधर- उधर भागने के बाद उसे पता चला कि गांव के सचिव ने ऑनलाइन सत्यापन में मृत घोषित कर दिया, जिसकी वजह से उसकी पेंशन रुकी हुई है।

बुजुर्ग महिला को जब कहीं से कोई मदद नहीं मिली तो वो तहसील पहुंची और एसडीएम को आपबीती बताई। एसडीएम ने तुरंत ही जांच के आदेश दिए। बताया जा रहा है कि इस तरह के कई मामले अब तक सामने आ चुके हैं। इस मामले पर एसडीएम रजत वर्मा ने बताया कि बुजुर्ग महिला के आधार और बैंक अकाउंट में नाम अलग अलग है उससे अन्य दस्तावेज मांगे गए हैं, मामले की जांच की जा रही है. अगर इस मामले में कोई दोषी पाया जाएगा तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
















