भरोसे का मिला धोखा! रिश्तेदार पर 70 लाख रुपये गबन का आरोप
# फर्जी बिल बनाकर कैश हड़पने का दावा,पंचायत में 10 लाख लौटाने के बाद शेष रकम मांगने पर धमकी का आरोप
जौनपुर।
गुलाम साबिर
तहलका 24×7
दिल्ली में आर्मी सहित तीनों सेनाओं को खाद्य सामग्री की आपूर्ति करने वाले एक कारोबारी ने अपने ही रिश्तेदार पर करीब 65 से 70 लाख रुपये के गबन,जालसाजी और धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई की मांग की।पीड़ित का कहना है कि विश्वास में लेकर आरोपी ने वर्षों तक फर्जी बिल तैयार किए,नकदी का गबन किया और हिसाब मांगने पर जान से मारने की धमकी दी।

आजमगढ़ जिले के बरदह थाना क्षेत्र के बेलहरी हसनपुर निवासी छोटेलाल बिन्द ने पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में बताया कि वह दिल्ली स्थित एस.एस. इंटरप्राइजेज के माध्यम से आर्मी सहित तीनों सेनाओं को ग्रोसरी और सब्जियों की आपूर्ति का कार्य करते हैं। वर्ष 2018 में उन्होंने अपने रिश्तेदार सुनील कुमार बिन्द निवासी कुद्दूपुर थाना लाइन बाजार जौनपुर को नौकरी पर रखकर दुकान की देखरेख, हिसाब-किताब और ऑनलाइन लेनदेन की जिम्मेदारी सौंपी थी।शिकायत के अनुसार,वर्ष 2018-19 में बीमारी के कारण वह कारोबार पर नियमित निगरानी नहीं रख सके।

इसी दौरान आरोपी ने कथित रुप से अपनी पत्नी और मां के साथ मिलकर वर्ष 2018 से 2024 के बीच फर्जी बिल तैयार किए और नकदी का गबन कर फर्म को करीब 65 से 70 लाख रुपये का नुकसान पहुंचाया। पीड़ित का दावा है कि लगातार हुए आर्थिक नुकसान के चलते उसे वर्ष 2019 से विभिन्न बैंकों से करीब 77.12 लाख रुपये का ऋण लेना पड़ा।शिकायत में कहा गया है कि स्वास्थ्य लाभ के बाद जब कारोबार के खातों की जांच की गई तो गड़बड़ी सामने आई।आरोप है कि गबन की गई रकम आरोपी ने एटीएम के माध्यम से अपनी पत्नी और मां के संयुक्त बैंक खाते में जमा कराई।

पीड़ित के अनुसार,पंचायत के हस्तक्षेप के बाद आरोपी ने 10 लाख रुपये वापस किए और शेष राशि लौटाने का आश्वासन दिया था।पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि करीब दो सप्ताह पहले आरोपी कुछ अज्ञात लोगों के साथ आया और बाकी रकम मांगने पर जान से मारने की धमकी दी।इसके बाद से परिवार भय के माहौल में रह रहा है।पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से आरोपी और उसके सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी,जालसाजी, गबन और आपराधिक धमकी सहित संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने तथा हड़पी गई धनराशि वापस दिलाने की मांग की है।
















