भूस्खलन की चपेट में आने से जौनपुर निवासी पिता-पुत्री की मुंबई में मौत

भूस्खलन की चपेट में आने से जौनपुर निवासी पिता-पुत्री की मुंबई में मौत

केराकत।
विनोद कुमार
तहलका 24×7
                  कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बेहड़ा के रग्घूपुर गांव निवासी अमित सिंह पुत्र जितेंद्र के परिवार पर मुंबई में भारी वर्षा ने कहर ढा दिया। भारी बारिश में पहाड़ का बड़ा हिस्सा दरककर मकान पर गिर गया। मलबे में दबकर पिता-पुत्री की मौत हो गई। जबकि गम्भीर रूप से घायल पत्नी और बेटे का अस्पताल में इलाज चल रहा है। जहां वह जीवन और मौत से जूझ रहे हैं। इस घटना की सूचना गांव पहुंची तो परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है। पूरे गांव में शोक छा गया है।

बेहड़ा ग्राम के रग्घुपुर पुरवा निवासी पेशे से ड्राइवर जितेंद्र सिंह के तीन बेटों में सबसे छोटा अमित सिंह महाराष्ट्र के पालघर भोईदा पाड़ा बसई के एक चाल में सपरिवार रह रहते थे। अमित बिजली मैकेनिक का काम करके परिवार की आजीविका चलाते थे। महाराष्ट्र में इन दिनों लगातार बरसात हो रही है। बुधवार की भोर में भारी बारिश के कारण उनके रिहायशी मकान के पीछे की पहाड़ी से पत्थर का बड़ा टुकड़ा दरककर मकान के ऊपर गिर गया। जिससे मकान में सो रहे 35 वर्षीय अमित सिंह पुत्र जितेंद्र सिंह तथा 14 वर्षीया रोशनी सिंह पुत्री अमित सिंह की मलवे में दबकर मौके पर ही मौत हो गई। मकान में सो रही अमित की 33 वर्षीय पत्नी वंदना सिंह और 10 वर्षीय पुत्र ओम सिंह भी गंभीर रूप से घायल हो गए। पड़ोसियों ने दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। परिजनों के अनुसार उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। घटना की जानकारी पालघर में एक दूसरे इलाके में रह रहे जितेंद्र सिंह के बड़े बेटे रिंकू सिंह ने फोन से पिता को दिया।

घटना की जानकारी तेजी से गांव में फैल गई। गुरुपूर्णिमा का उत्सव मातम में बदल गया। सुबह से ही जितेंद्र कर घर सांत्वना देने के लिए लोंगों का तांता लगा हुआ है। व्यवहार कुशल अमित तथा होनहार किशोरी रोशनी के चले जाने से घर क्या पास पड़ोस के लोग रह रहकर फफक जा रहे है। मृतक अमित की माता उर्मिला व दादी वंशराजी बेहोश है। तो ड्राइवरी करके बच्चों को पाल पोषकर पढ़ा लिखाकर जब आराम पूरे करने के दिन देखने थे तो जवान बेटा चला गया। 14 वर्षीया पौत्री के हृदय विदारक मौत से सदमें में जितेंद्र गुमशुम आने जाने वालो का चेहरा निहार रहे हैं।
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