मंदिर जहां पुरुषों को साड़ी पहनना जरूरी,सबरीमाला सुनवाई में हुआ जिक्र
# अनूठी परंपरा को लेकर केरल का यह मंदिर बना चर्चा का केंद्र
नई दिल्ली/केरल।
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सुप्रीम कोर्ट में सबरीमाला मंदिर से जुड़े मामले पर चल रही सुनवाई के दौरान देशभर के विभिन्न मंदिरों की परंपराओं का जिक्र हुआ।इसी क्रम में केरल के एक अनोखे मंदिर की विशेष परंपरा चर्चा में आ गई, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।यह मंदिर कोटनकुलांगरा स्थित श्री देवी मंदिर है,जो अपनी अनूठी धार्मिक परंपरा के लिए प्रसिद्ध है।

यहां हर वर्ष आयोजित होने वाले खास उत्सव में पुरुषों को महिलाओं की तरह साड़ी पहनकर सजना संवरना अनिवार्य होता है।इस अनुष्ठान को कोटनकुलांगरा छमायाविलक्खू उत्सव के नाम से जाना जाता है।यह उत्सव मलयालम कैलेंडर के मीनम महीने (आमतौर पर मार्च) में आयोजित होता है,जिसमें हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं।मान्यता के अनुसार,इस दौरान पुरुष श्रद्धालु महिलाओं के वस्त्र पहनकर और पारंपरिक 16 श्रृंगार कर देवी भगवती,जिन्हें वनदुर्गा के नाम से भी जाना जाता है,के दर्शन करते हैं।

श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस विशेष रुप में पूजा करने से देवी की कृपा प्राप्त होती है।सोशल मीडिया के दौर में इस अनोखी परंपरा को लेकर लोगों में काफी जिज्ञासा और रुचि देखी जा रही है,जिससे यह मंदिर देश-विदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।
















