यूपी बोर्ड एग्जाम: हिजाब था बहाना, परीक्षा छोड़ने वाली छात्राएं निकलीं डमी!
# थम गया हिजाब के नाम का तूफान, मीडिया के जरिये सांप्रदायिक आग को हवा देने वाले हाई स्कूल की चार छात्राओं के अभिभावक अब मुंह छिपा रहे।
कैलाश सिंह
जौनपुर/लखनऊ
तहलका 24×7. 24 फरवरी 2025 से चल रही यूपी बोर्ड हाई स्कूल की परीक्षा छोड़ने वाली कथित छात्राओं के स्थान पर सर्वोदय इंटर कॉलेज केन्द्र पर ‘डमी’ पहुंची थीं। उनके अभिभावक को उम्मीद थी कि हिजाब से चेहरे का नकाब नहीं हटेगा और डमी छात्राएं परीक्षा देंगी तो वे अच्छे नम्बरों से पास हो जाएंगी, लेकिन पहले ही दिन हिन्दी के एकल पेपर की परीक्षा प्रथम पाली में थी और उस केन्द्र पर मुस्लिम महिला कक्ष निरीक्षक बगैर कैमरा वाले कामन रूम में छात्राओं के प्रवेश पत्र में लगी उनकी फोटो से चेहरे का मिलान करके परीक्षा हाल में भेज रही थीं।

दिलचस्प स्थिति तब आई जब हिजाब पहने मुस्लिम व अन्य ड्रेस में हिन्दू आदि छात्राएं अपने प्रवेश पत्र की फोटो से चेहरे का मिलान कराके परीक्षा कक्ष की तरफ़ बढ़ रहीं थीं। चेहरे से नकाब हटाने और फ़ोटो से मिलान की अनिवार्यता उन चार डमी छत्राओं ने देखा तो उन्हें पकड़े जाने के भय से पसीना आने लगा। इसके बाद कथित अभिभावक के इशारे पर उन्होंने हिजाब निकलवाने के मुद्दे को उछाल दिया। चार डमी छत्राओं ने तेज आवाज में बोलना शुरू किया कि हम तो हिजाब में ही परीक्षा देंगे।

जब कक्ष के बाहर गेट पर शोरगुल सुनाई दिया तो केंद्राध्यक्ष, सहायक व अन्य महिला, पुरुष कक्ष निरीक्षक भी पहुंचने लगे, इस बीच चारो डमी छात्राएं परीक्षा छोड़ने की बात कहते हुए बाहर निकल गई। उन्होंने किसी सक्षम अधिकारी से शिकायत भी नहीं की, जबकि अन्य 120 छत्राएं बिना किसी शोरगुल के परीक्षा में बैठीं। केन्द्र से बाहर मौजूद कथित अभिभावक ने सोशल मीडिया में हिजाब को मुद्दा बनाकर बयान देना शुरू किया कि हमारी बेटियों को हिजाब के चलते परीक्षा से वंचित कर दिया गया। इसीलिए छह अन्य छत्राओं को भी वाहन से नहीं उतरने दिया और लौटी चार छात्राओं के साथ हम घर चले आये।

इस तरह हिजाब के नाम पर बवाल करके मौके से किसके वह कथित अभिभावक अब मीडिया ही नहीं, समाज से भी मुंह छिपाते फ़िर रहे हैं।हाई स्कूल में कुल सात एकल विषय, यानी अब किसी विषय के दो पेपर नहीं होते। इसमें नैतिक विषय का मूल्यांकन स्कूल-कॉलेज पर ही होते हैं।

यदि जो विद्यार्थी पांच विषय में पास होता है उसे विद क्रेडिट ग्रेडिंग में पास कर दिया जाता है, और यदि वह छात्र कम्पार्टमेंट के तहत छूटे विषय की परीक्षा देता है तो उसके रिजल्ट से विद क्रेडिट हट जाता है। शायद यही सोचकर परीक्षा छोड़ने वाली कथित छत्राओं तक उनके मूल स्कूल प्रबन्धन की तरफ से संदेश भेजा गया कि वे बाकी विषयों की परीक्षा दें और अपना करियर बनाएं। शनिवार एक मार्च को दूसरा पेपर गणित का था लेकिन वह डमी छात्राएं परीक्षा केन्द्र पर नहीं पहुंचीं।


















