सुल्तानपुर : खुद को जिंदा साबित करने के लिए कोर्ट पहुंचा बुजुर्ग

सुल्तानपुर : खुद को जिंदा साबित करने के लिए कोर्ट पहुंचा बुजुर्ग

सुल्तानपुर।
ज़ेया अनवर
तहलका 24×7
                राजस्व कर्मियों की मिली-भगत से करीब 15 माह पूर्व राजस्व अभिलेखों में एक बुजुर्ग को मृतक के रूप में दर्ज किए जाने के मामला अदालत के दरवाजे तक पहुंच गया है। पीड़ित बुजुर्ग की अर्जी को एसीजेएम तृतीय सिद्दीकी साईमा जर्रार आलम ने परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने बुजुर्ग का बयान दर्ज करने के लिए 20 जून की तिथि नियत की है। मामला हलियापुर थाने के गौहनिया गांव से जुड़ा है।

बल्दीराय क्षेत्र के ग्राम गौहनिया मौजा हलियापुर निवासी राम जियावन के चार पुत्रों में से राम प्रसाद को राजस्व कर्मियों ने अपनी अभिलेखों में मृत दिखा दिया। राम प्रसाद का कहना है कि उनकी कुछ भूमि (करीब 44 एयर) अयोध्या-रायबरेली सड़क चौड़ीकरण में जा रही है। इस भूमि का मुआवजा करीब 27 लाख रुपये बन रहा है। मुआवजे के रुपये को हड़पने के लिए राजस्व कर्मियों से मिलीभगत करके राम प्रसाद को मृतक दिखाकर भूमि उनके एक भतीजे ने 27 फरवरी 2021 को अपने नाम करवा ली है। मामले की जानकारी होने पर 65 वर्षीय राम प्रसाद एसडीएम बल्दीराय से लेकर अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के पास खुद को जिंदा साबित करने के लिए चक्कर काट रहा है।

थाने से लेकर एसपी तक को प्रार्थनापत्र देकर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए गुहार लगाई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। रामप्रसाद ने अन्तत: अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अपने भतीजे देवानंद पर केस दर्ज कराने के लिए कोर्ट में अर्जी दी है। एसीजेएम तृतीय सिद्दीकी साईमा जर्रार आलम ने राम प्रसाद की अर्जी को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने राम प्रसाद का बयान दर्ज करने के लिए 20 जून की तिथि नियत की है।
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