ईंधन संकट: सूखते पेट्रोल पंपों के टैंक,खरीदारों की भीड़ से हालात बेकाबू
# साधन के अभाव में मरीजों और गर्भवती महिलाओं को बढ़ रही परेशानी
शाहगंज, जौनपुर।
एखलाक खान
तहलका 24×7
इलाके में पेट्रोल और डीजल की किल्लत ने आमजन से लेकर किसानों तक की परेशानी बढ़ा दी है। कई पेट्रोल पंपों के टैंक सूखने की स्थिति में पहुंच गए हैं, जबकि जहां ईंधन उपलब्ध है वहां खरीदारों की लंबी कतारें लगी हैं।हालात ऐसे हैं कि पंप मालिक और कर्मचारी भीड़ संभालने में सांसत में हैं।सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर वाहनों की कतारें लग जा रही हैं।

दोपहिया,चारपहिया और मालवाहक वाहन चालक घंटों इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं।कई जगहों पर सीमित मात्रा में ही पेट्रोल-डीजल दिया जा रहा है,जिससे लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है। सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है।रबी फसल की कटाई और खेतों की सिंचाई के समय में डीजल की कमी ने खेती किसानी की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है।

किसान ट्रैक्टर और पंपसेट के लिए डीजल जुटाने के लिए एक पंप से दूसरे पंप भटक रहे हैं,जिससे उनमें बेचैनी बढ़ती जा रही है।वहीं गम्भीर रुप से बीमार और गर्भवती महिलाओं को भी अस्पताल तक पहुंचने में साधन की समस्या का शिकार होना पड़ रहा है।पंप संचालकों का कहना है कि सप्लाई बाधित होने के कारण यह स्थिति बनी है।डिपो पर कई कई दिन से टैंकर खड़े हैं लेकिन निराशा हाथ लग रही है।

ईंधन मिलने के बाद जैसे ही टैंकर पहुंचता है, कुछ ही घंटों में स्टॉक खत्म हो जा रहा है।कर्मचारियों को भी भीड़ नियंत्रित करने और विवाद की स्थिति से जूझना पड़ रहा है।प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखने की बात कही जा रही है,लेकिन आम लोगों को अभी राहत मिलती नहीं दिख रही।अगर जल्द आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।

मामले में क्षेत्राधिकारी अजीत सिंह चौहान ने बताया कि पेट्रोल पंप संचालकों को बताया गया है कि तेल रहने पर गैलन आदि में ईंधन न दें।वाहनों में सीमित मात्रा में ही तेल की आपूर्ति करें।उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंपों पर बढ़ती भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम किया गया है।कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए पुलिस की टीमें नजर बनाए हुए हैं।


















