कांग्रेस और विपक्षी दलों पर बरसे किरेन रिजिजू, कहा- विपक्ष अब सुधरने वाला नहीं, जरुरी बिल होंगे पास
नई दिल्ली।
तहलका 24×7
केंद्र सरकार ने साफ कर दिया कि विपक्ष के हंगामे की वजह से लगातार समय और पैसे बर्बाद हो रहे हैं। लिहाजा सरकार लोकसभा और राज्य सभा दोनों में महत्वपूर्ण बिल को पारित करवाने का काम करेगी। वहीं, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के प्रदर्शन और सदन में लगातार हो रहे हंगामे पर कड़ा रुख अख्तियार किया है।संसद के अंदर और बाहर दोनों में ही विपक्षी सांसदों ने बिहार की मतदाता सूची को लेकर धरना प्रदर्शन किया। साथ ही केंद्र सरकार पर विपक्ष की बात नहीं सुनने का आरोप लगाया।

विपक्ष ने साफ कर दिया कि एसआईआर का मुद्दा जब तक सरकार वापस नहीं लेती तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजीजू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा सरकार विपक्ष को मनाने की हरसंभव कोशिश कर चुकी है। सरकार के लिए अब विधाई कार्यों का निपटान और बिल पास करवाना भी काफी जरुरी है। विपक्ष अपनी भूमिका में आकर बिल पास करवाने में अपनी भूमिका नहीं निभाता तो सरकार सूची में मौजूद बिल पास करवाएगी। रिजिजू ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन, संसद में लगातार हंगामा कर रहा है और संवैधानिक संस्थाओं पर हमला कर रहा है। रिजिजू ने कहा मैंने बहुत देख लिया, विपक्ष अब सुधरने वाला नहीं है।उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने पिछले 16 दिनों से संसद की कार्यवाही को बाधित किया है। खासकर बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर हंगामा किया है। रिजिजू ने कहा कांग्रेस और विपक्ष ने बहुत समय बर्बाद किया। उन्होंने कहा, अब हम देश और संसद का समय और बर्बाद नहीं होने देंगे।

यह भी बताया कि कई विपक्षी सांसदों ने उनसे कहा कि वे मजबूरी में हंगामा करते हैं, क्योंकि उनके नेता उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर करते हैं। रिजिजू ने जोर देकर कहा कि सरकार आज लोकसभा और राज्यसभा में महत्वपूर्ण विधेयक पारित करेगी, चाहे विपक्ष इसमें हिस्सा ले या नहीं। उन्होंने विपक्ष के चुनाव आयोग के दफ्तर तक मार्च पर भी तंज कसते हुए पूछा कि क्या 150 सांसद चुनाव आयोग के कमरे में घुसेंगे। रिजिजू ने विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं जैसे सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग में विश्वास न रखने का आरोप लगाया और कहा कि वे लोकतंत्र को बदनाम कर रहे हैं।

उधर, इंडिया गठबंधन के नेताओं ने दिल्ली में संसद भवन के मकर द्वार से चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकाला, जिसमें बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित “वोट चोरी” के खिलाफ विरोध जताया। प्रदर्शन में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव जैसे नेता शामिल रहे। विपक्ष का आरोप है कि SIR के जरिए बिहार में लाखों मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर कर सकता है। दिल्ली पुलिस ने कुछ सांसदों, जैसे हिबी एडन, अजय माकन और मणिकम टैगोर को हिरासत में लिया।

इस विरोध के कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित हुई और मंगलवार तक स्थगित कर दी गई।सूत्रों की माने तो सरकार समय से पहले ही सत्रावसान के बारे में विचार कर रही है। क्योंकि ज्यादातर महत्वपूर्ण बिल लोकसभा और राज्यसभा से पास करवा लिए गए हैं। जहां लोकसभा में इनकम टैक्स बिल और स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल पास किए गए, वहीं राज्यसभा में मणिपुर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स बिल और मणिपुर एप्रोप्रियेशन बिल पारित किए गए।

















