गाजीपुर : भरत- मिलाप देखकर भाव-विभोर हुए लोग
खानपुर।
अंकित मिश्रा
तहलका 24×7
खानपुर में चल रही आदर्श रामलीला समिति द्वारा अति प्राचीन रामलीला का गुरुवार को अंतिम दौर था।खानपुर में भरत मिलाप का मंचन किया गया जिसे देख दर्शक भाव-विभोर हो गए।भरतजी गुरू वशिष्ठ को बुलवाकर श्रीराम से मिलने के लिए अयोध्या से भारद्वाज मुनि के आश्रम के लिए प्रस्थान कर देते हैं। भारद्वाज मुनि के आश्रम के पूर्व रथ रूकवाकर पैदल ही श्रीराम का नाम लेते हुए दौड़ जाते हैं और उनके चरणों में लिपट जाते हैं।

श्रीराम भरत के अगाध प्रेम को देखते हुए उन्हें अपने गले से लगा लेते हैं। चारों भाइयों का मिलन देखकर उपस्थित लोगों के नेत्रों से अश्रु धारा बहने लगती है और वहाँ उपस्थित सभी भाव-विभोर होकर यह दृश्य देखते ही रह जाते हैं। हर-हर महादेव और चारों भाइयों के जयकारे से पूरा लीला स्थल गूंज उठता है। इसके पूर्व के प्रसंग में श्रीराम लंका पर विजय प्राप्त कर लक्ष्मण, सीता, हनुमान, अंगद, जामवंत, सुग्रीव तथा विभीषण आदि के साथ रथ द्वारा अयोध्या के लिए प्रस्थान करते हैं। वह हनुमान को अयोध्या भेज कर भरत को अपने आने की सूचना भिजवा देते हैं। उधर महाराज भरत अपने बड़े भाई श्रीराम की चरण पादुका को चित्रकूट से लाकर अयोध्या की राजगद्दी पर रख कर उसकी देख-रेख में तपस्वी का वेष बनाए कुश के आसन पर समाधि लगाकर बैठे श्रीराम के आने की प्रतीक्षा करते हैं। भरत पूरी अयोध्या को श्रीराम के आने की खुशी में ध्वज पताकाओं और तोरण के द्वारा भव्य सजावट करवाते हैं।


















