जौनपुर : आजा़द भारत के पहले शिक्षामंत्री की जयंती पर संगोष्ठी आयोजित
# मदर निसा फाउंडेशन के तत्वावधान आयोजित हुआ कार्यक्रम
शाहगंज।
राजकुमार अश्क
तहलका 24×7
स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी और आजा़द भारत के पहले शिक्षामंत्री मौलाना अबुल कलाम आज़ाद के जन्मदिन दिवस के अवसर पर आजमगढ़ रोड स्थित मदर निसा फाउंडेशन के कार्यालय में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी से पूर्व संस्था के अध्यक्ष आमिर शेख ने मौलाना अबुल कलाम आज़ाद के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए संस्था के संस्थापक सदस्य मिर्ज़ा शाहबाज ने मौलाना आजा़द के जीवनकाल पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आजाद साहब अफगा़न उलेमाओं के खानदान से ताल्लुक रखते थे उनकी माँ अरबी तथा उनके पिता मोहम्मद खैरूद्दीन एक फारसी थे। आजा़द की शुरूआती तालीम इस्लामी तौर तरीके से कराई, परन्तु उन्हें अन्य विषयों की भी तालीम दिलाई गई।

संस्था के वरिष्ठ संस्थापक सदस्य जनाब जे़या अनवर ने उन्हें एक सच्चा देशभक्त एवं सफल राजनेता बताया। वहीं गुफ़रान ने उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आजा़द साहब राजनेता होने के साथ साथ कवि, लेखक एवं पत्रकार भी थे, वे हमेशा गाॅंधी जी के सिद्धांतों का समर्थन करते थे। वहीं एख़लाक खान ने कहा कि मौलाना अबुल कलाम आज़ाद को इस बात में महारत हासिल थी कि अपने विरोधियों के भी दिल को कैसे जीता जाता है।

इस दौरान मुख्य रूप से फैजान अहमद, बेलाल आतिश, मिलन जायसवाल, जायसवाल, डॉ अमजद अंसारी, तबरेज़ अहमद आतिश, शहाबुद्दीन, राजीव सिंह, डॉ काशिफ, रोहित मौर्या, अरुण यादव, गुड्डू यादव, लाल बहादुर यादव, राजबहादुर, आशीष अग्रहरी, राजकुमार अश्क, रिज़वान अहमद, गुफरान अहमद, सूफियान अंसारी, महफूज अहमद आदि लोगों ने संगोष्ठी में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
















