जौनपुर : लंका दहन होते ही जय श्री राम के जयकारे से गूंज उठा पंडाल
नेवढ़िया।
दीपक श्रीवास्तव
तहलका 24×7
क्षेत्र अंतर्गत धनेथू विराजीपुर गांव मे आदर्श रामलीला समिति द्वारा गुरुवार को राम सुग्रीव मित्रता, लंका दहन, बालि बध का मंचन किया गया। मंचन के दौरान श्रीराम का आदेश लेकर संकट मोचन हनुमान मां सीता की खोज में लंका पहुंचे। हनुमान जी सुरसा का बध कर लंका में प्रवेश किये।वही अशोक वाटिका में पहुँचकर हनुमान जी ने मां सीता को प्रभु श्रीराम का संदेश सुनाया।

हनुमान को जोरो की भूख सता रही थी तभी माता सीता से आदेश लेकर हनुमान जी अशोक वाटिका के बगीचे में पहुंच गए। जहां पर उन्होंने उथल पुथल मचा कर वृक्षो को जड़ से उखाड़ कर तहस नहस कर दिया। वहीं एक बानर द्वारा अशोक वाटिका में उथल पुथल करने की सूचना मिली तो लंकापति रावण ने अपने पुत्र अक्षय कुमार को भेजा जिनका हनुमान ने बध कर दिया। तब मेघनाथ पहुंच कर हनुमान जी को बंधक बनाकर लंका दरबार में ले आए। रावण के आदेश पर दरबारियों ने उनके पूंछ में आग लगा दी। पूछ में आग लगाते हनुमान जी ने लंका को ही आग के हवाले कर दिया जिससे लंका धूं-धूं कर जलकर राख हो गया। लंका दहन के दृश्य को देखकर प्रभु श्रीराम व संकट मोचन हनुमान के जयकारे से पूरा पंडाल गुंजायमान हो उठा।

लीला मंचन में राम की भूमिका सत्यम दुबे, लक्ष्मण हर्षित दुबे, सीता साहित्य दुबे, हनुमान गौरव दुबे, रावण धीरज दुबे, शबरी राजदेव मिश्र, बालि विराट दुबे, सुग्रीव रतन दुबे, अंगद उत्कर्ष दुबे, जटायु शिवम, मेघनाथ आशीष पाठक, विभीषण शिवम दुबे ने किरदार निभाया।रामलीला देखने आये सभी दर्शकों का समिति के लोगों ने आभार व्यक्त किया।
















