जौनपुर : लौह पुरुष एंव आइरन लेडी को अर्पित किया गया श्रद्धा-सुमन
# मदर निसा फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित हुआ कार्यक्रम
शाहगंज।
राजकुमार अश्क
तहलका 24×7
सामाजिक संस्था मदर निसा फाउंडेशन के आजमगढ़ रोड स्थित कार्यालय पर पूर्व उप प्रधानमंत्री एवं बिखरी हुई देशी रियासतों के एकीकृत करने वाले महापुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती एवं भारत की एकमात्र महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी के शहादत दिवस के अवसर पर एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।

संस्था के अध्यक्ष फैजा़न अहमद की अनुपस्थिति में संस्था के वरिष्ठ सदस्य ज़ेया अनवर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सरदार पटेल एवं इंदिरा गांधी के चित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जेया अनवर ने उपस्थित सभी सदस्यों को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत माता के आंचल के वैसे तो कई अनमोल हीरे थे जिन्होंने अपना पूरा जीवन ही भारत माता को समर्पित कर दिया था मगर कुछ हीरे कोहिनूर की तरह आज भी लोगों में अपनी चमक बिखेर रहे हैं उनमें सबसे पहला सरदार साहब का नाम हैं इनका पूरा जीवन ही सादगीपूर्ण रहा, मगर उस सादगी में एक दृढ़ निश्चयी व्यक्ति का पूरा वजूद मौजूद था। उन्होंने भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी को एक अडिग और सशक्त राजनेता बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत चांद की बुलंदियों पर पहुॅंचा था

संस्था के संस्थापक सदस्य गुफरान अहमद सरदार पटेल को अपना श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि जिस वक्त हमारा देश आजाद हुआ था उस वक्त हमारा देश छोटी छोटी रियासतों में बंटा हुआ था मगर सरदार वल्लभ भाई पटेल की कोशिशों एवं उनके मार्गदर्शन में सभी रियासतों को एक करके पुरे भारत को एकसूत्र में बांधने का काम किया गया। संस्था के सदस्य एख़लाक खान ने सरदार पटेल के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरदार पटेल आज भी उतनें ही प्रासंगिक है जितने कि पहले थे उनका जीवन ही सबके लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनके प्रयासों से ही पूरा भारत एक सूत्र में बंधा इसलिए इस दिन को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।

वहीं राजीव सिंह ने श्रीमती इंदिरा गाँधी को अपनी श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें एक कुशल वक्ता एवं सफल राजनीतिक मंच का मुखिया एवं दृढ़निश्चयी प्रशासक बताया उन्होंने कहा कि आज ही का वह काला दिन था जब सुबह लगभग 9 सफदरजंग में उनके ही अंग रक्षकों द्वारा गोली मार कर उनकी हत्या कर दी गई थी। इस दिन को भारत में शहादत दिवस के रूप में मनाया जाता है।इस अवसर पर राजीव सिंह, आतिश बेलाल, रविशंकर वर्मा, राजकुमार अश्क़, डॉ काशिफ, रोहित मौर्या, मिलन जायसवाल, अजय यादव, अखिलेश दुबे, अखिल मिश्रा अरूण यादव, एख़लाक़ खान, गुड्डू यादव, रिज़वान अहमद, सूफियान अंसारी, महफूज़ अहमद, बालयोगी करन गुरु समेत संस्था के तमाम सदस्य एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।
















