नर्सिंग सेवा पेशा नहीं, मानवता की सच्ची साधना है

नर्सिंग सेवा पेशा नहीं, मानवता की सच्ची साधना है

शाहगंज, जौनपुर। 
एखलाक खान
तहलका 24×7
               नगर के अयोध्या मार्ग स्थित आरके इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल साइंसेज़ में अंतर्राष्ट्रीय नर्सिंग दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बतौर मुख्य अतिथि नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. डीसी तिवारी रहे।
मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन में नर्सिंग विद्यार्थियों से कहा कि नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि यह करुणा, सेवा और समर्पण की जीवंत मिसाल है।
आप सभी ने जो शपथ ली है, उसका अक्षरशः पालन करें और अपने जीवन को मानव सेवा के लिए समर्पित करें। यही सच्चे अर्थों में स्वास्थ्य सेवा के प्रति आपकी निष्ठा का प्रमाण होगा। उन्होंने कहा कि नर्सें किसी भी स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ होती हैं। रोगी को न सिर्फ दवाइयों की, बल्कि संवेदनशील देखभाल की भी आवश्यकता होती है, जो एक प्रशिक्षित और संवेदनशील नर्स ही प्रदान कर सकती है। आपके हाथों में किसी के जीवन को बेहतर बनाने की शक्ति है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संस्थान के प्रबंध निदेशक डॉ. जेपी दुबे ने छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि हमारा उद्देश्य सिर्फ डिग्री देना नहीं, बल्कि भावी स्वास्थ्य सेवकों को हर दृष्टि से सशक्त बनाना है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने और समर्पण भाव से अध्ययन करने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर संस्थान की अध्यक्ष उषा दुबे, डॉ. सुनील दुबे, डॉ. नीतू दुबे, डॉ. विकास दुबे, डॉ.  सुप्रिया दुबे, डॉ. पलवी दुबे ने सभी का उत्सव वर्धन किया। प्रधानाचार्य  श्रीजीव कृष्णन कुट्टी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए नर्सिंग शिक्षा की महत्ता, नैतिक मूल्यों और व्यावसायिक दक्षता पर जोर दिया। समारोह में छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया।
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