पॉलीमर नोट लाने की तैयारी में रिजर्व बैंक,जल्द शुरु हो सकता है पायलट प्रोजेक्ट
नई दिल्ली।
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भारतीय रिजर्व बैंक देश में प्लास्टिक यानी पॉलीमर नोटों की शुरुआत की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।आरबीआई जल्द ही पॉलीमर नोटों का पायलट प्रोजेक्ट शुरु कर सकता है।माना जा रहा है कि ये नोट मौजूदा कागज आधारित नोटों की तुलना में अधिक मजबूत और टिकाऊ होंगे,जिससे उनकी उम्र बढ़ेगी और छपाई पर होने वाला खर्च भी कम होगा।सूत्रों के अनुसार आरबीआई बोर्ड की हालिया बैठकों में पॉलीमर नोटों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई है।

इससे पहले वर्ष 2012 में भी पॉलीमर नोटों को प्रचलन में लाने की योजना बनाई गई थी,लेकिन तकनीकी चुनौतियों के चलते इसे आगे नहीं बढ़ाया जा सका था। अब तकनीक में सुधार और एटीएम मशीनों के आवश्यक अपडेट के बाद इस योजना को फिर से अमल में लाने की तैयारी की जा रही है।विशेषज्ञों का मानना है कि पॉलीमर नोट सामान्य कागजी नोटों की तुलना में अधिक सुरक्षित होते हैं और इनमें नकली नोटों की संभावना भी कम रहती है।साथ ही ये पानी,नमी और सामान्य टूट-फूट से भी बेहतर तरीके से सुरक्षित रहते हैं।

हालांकि देश में डिजिटल भुगतान का दायरा तेजी से बढ़ रहा है,इसके बावजूद नकदी की मांग लगातार बढ़ती जा रही है।आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार 15 मई तक देश में प्रचलन में मौजूद कुल मुद्रा बढ़कर रिकॉर्ड 42.86 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई,जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 11.5 प्रतिशत अधिक है।आरबीआई का मानना है कि बढ़ती नकदी मांग को देखते हुए अधिक टिकाऊ और लागत प्रभावी नोटों की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से पॉलीमर नोटों के परीक्षण की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद इन्हें चरणबद्ध तरीके से व्यापक स्तर पर जारी किया जा सकता है।
















