प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ के बाद सीमापवर्ती जिलों में रुके श्रद्धालुओं की सेवा में लगे संघ व समाजसेवी
जौनपुर।
गुलाम साबिर
तहलका 24×7. मंगलवार की मध्य रात के बाद महाकुंभ नगर प्रायागराज में हुए हादसे के बाद आने वाले श्रद्धालुओं को सीमापवर्ती जिलों में रोक दिया गया, जहां उनके खानपान और दवा आदि की व्यवस्था में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और समाजसेवी लगे रहे। सुरक्षा के इंतजाम में पुलिस-प्रशासन सतर्क रहा।सीएमओ के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग की टीम तैनात रही।

जौनपुर के गौरा बादशाहपुर, मुंगरा बादशाहपुर, शाहगंज, खुटहन, जिला मुख्यालय के सिपाह, जेसीज चौराहा, पालीटेक्निक चौराहा आदि स्थानों पर लगाए गए खानपान व दवा के स्टालों पर संघ व एनएमओ के स्वयं सेवक लगे रहे। जिला संघ चालक डॉ. सुभाष सिंह ने बताया कि प्रयागराज में हुए हादसे के बाद शासन प्रशासन ने वहां आने वाले श्रद्धालुओं को जहां पहुंचे थे वहीं रोक दिया गया, ऐसे में लोगों को खानपान व दवाओं की जरूरत को ध्यान में रखते हुए जनपद के लगभग दस हजार स्वयं सेवक व समाजसेवी लग गए। एनएमओ के संगठन से जुड़े निजी चिकित्सक और उनके स्टाफ खानपान व दवाओं के स्टाल लगाकर दिनभर जमे रहे।

यह सिलसिला महाकुंभ में पहुंचने की अनुमति मिलने तक कायम रहा।संघ के जिला संचालक डॉ. सुभाष सिंह ने बताया कि जौनपुर जंक्शन, सिटी स्टेशन, बदलापुर के अलावा जहां भी श्रद्धालुओं से भरी ट्रेनें, बस और अन्य साधनों से महाकुम्भ में जाने वाले रोके गए थे उनकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए संघ की तरफ से दलिया, पूरी सब्जी, लाई चना, गुड़ व पेय जल की व्यवस्था की गई। इस दौरान दवाओं की व्यवस्था में निजी व सरकारी अस्पतालों की तरफ से सीएमओ के निर्देशन में हुई थी।

















