रमज़ान इबादत का महीना, आयतुल्लाह खामनेई की हत्या निंदनीय: मौलाना मासूम रज़ा कैफ़ी
शाहगंज, जौनपुर।
एखलाक खान
तहलका 24×7
पवित्र माह रमज़ान को इबादत, रहमत और इंसानियत का महीना बताते हुए वरिष्ठ शिया धर्मगुरु एवं इमाम-ए-जुमा भादी शाहगंज मौलाना सैय्यद मासूम रज़ा कैफ़ी ने ईरान और वहां के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खामनेई पर हुए अक्रामक और क्रूर हमले की कड़ी निंदा की है।उन्होंने कहा कि इस पवित्र महीने में ऐसी घटनाएं मानवता के खिलाफ हैं और पूरे मानव समाज को इसकी निंदा करनी चाहिए।

मौलाना कैफ़ी ने कहा कि परमात्मा,ईश्वर या खुदा जिसे भी जिस नाम से पुकारा जाए,वही हमारी जान का मालिक है।जिस प्रकार माता-पिता अपने बच्चों से प्यार करते हैं,उससे कहीं अधिक खुदा अपने बंदों से मोहब्बत करता है।ऐसे रहमत वाले खुदा को कोई कैसे भूल सकता है।रमज़ान का महीना लोगों को नमाज़,रोज़ा और नेक कामों के साथ-साथ इंसानियत और मानवता की रक्षा का संदेश देता है।

उन्होंने कहा कि दुनिया में किसी भी धर्म पर होने वाले अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाना जरुरी है।यह किसी एक धर्म के लिए नहीं बल्कि पूरी मानवता की सुरक्षा के लिए है।मानवता को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ मजबूती से बोलने वाले नेताओं में आयतुल्लाह खामेनई का नाम दुनिया कभी नहीं भूल सकती।मौलाना सैय्यद मासूम रज़ा कैफ़ी ने लोगों से रमज़ान के पवित्र महीने में अमन,भाईचारा और इंसानियत के रास्ते पर चलने की अपील की।

















