
इसी बीच आंवला के सांसद धर्मेंद्र कश्यप भी वहां पहुंच गए। उन्होंने करगैना चौकी पुलिस की कार्यप्रणाली पर घोर आपत्ति जताई। सांसद ने तो यहां तक कह दिया कि चौकी पुलिस खनन कराती है। गुस्साए कार्यकर्ता पुलिस चौकी के सामने बदायूं हाईवे पर बैठ गए। इससे दोनों तरफ वाहनों की लाइनें लग गईं। करीब आधे घंटे बाद संघ पदाधिकारियों और भाजपा नेताओं को सीओ ने बताया कि दरोगा को निलंबित कर दिया गया है। तब कार्यकर्ता माने और हाई-वे से उठे। इसके बाद सभी नेता और कार्यकर्ता संघ कार्यालय चले गए। वहां देर रात तक बैठक चलती रही।