मानव होने के लिए मानवता का होना नितांत आवश्यक: अवस्थी महाराज 

मानव होने के लिए मानवता का होना नितांत आवश्यक: अवस्थी महाराज 

सुइथाकला, जौनपुर।
राजेश चौबे
तहलका 24×7
              गया ठाकुर द्वारा के उपलक्ष्य में पिपरौल गांव में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन व्यास महाराज मनोज कुमार अवस्थी ने अपनी कथा में मानव होने के लिए मनुष्य में मानवता का होना नितांत आवश्यक बताया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवणपान किया।
कथा का शुभारंभ मुख्य यजमान सुशीला व राकेश चन्द्र मिश्र द्वारा व्यास गद्दी सहित श्रीमद्भागवत पुराण के पूजन अर्चन के साथ ही आरती और माल्यार्पण कर किया गया। तत्पश्चात व्यास गद्दी पर विराजमान कथाकार द्वारा कुंती स्तुति, भीष्म चरित सहित  परीक्षित कथा का श्रवणपान कराकर उपस्थित श्रोता को भाव विभोर कर दिया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिस तरह बगैर के आम के वृक्ष की पहचान आम के फल लगने पर होता है, उसी तरह मानवता से ही मानव होने की पहचान होती है।
कथा का समापन आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ। अन्त में आयोजक द्वारा सभी के प्रति आभार जताया गया।इस दौरान डा. प्रशान्त देव शुक्ल, डा. श्याम शंकर उपाध्याय, कुंवर पंकज सिंह समेत आदि श्रद्धालु कथारूपी सागर में गोते लगाते रहे। इस दौरान आयोजक मंडल के कपिल देव मिश्र, अमित मिश्र, रमेश चंद्र मिश्र व जय प्रकाश मिश्र आदि अतिथियों के स्वागत भाव में लगे रहे।
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