मोटे अनाज देते हैं भरपूर पोषण: डॉ. रमेश चंद्र
खेतासराय, जौनपुर।
डॉ. सुरेश कुमार
तहलका 24×7
सोंधी ब्लॉक के सभागार में मंगलवार को कृषि विभाग की ओर से त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम एवं उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धार योजना के तहत गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर किसानों को मक्का के उत्पादन के साथ मोटे अनाज (श्रीअन्न) के महत्व व उपयोगिता के विषय में प्रशिक्षण दिया।

गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए खण्ड विकास अधिकारी पीयूष त्रिपाठी ने कहा कि आहार एवं पोषण विशेषज्ञ मोटे अनाजों की खूबियों से इतने प्रभावित हैं कि आज इन्हें सुपरफूड की श्रेणी में रखा जा रहा है। उप परियोजना निदेशक (आत्मा) डॉ. रमेश चंद्र यादव ने कहा कि मोटे अनाज भरपूर पोषण प्रदान करते हैं। इसकी बढ़ती उपयोगिता को देखते हुए सरकार ने इसे श्रीअन्न नाम दिया।

उन्होंने बताया कि मोटे अनाज से चीला, खीर, खिचड़ी, दलिया, कटलेट, सूप, उपमा, डोसा, इडली, बिस्किट, स्नैक्स और चिक्की जैसे अनेक व्यंजन तैयार किए जा सकते हैं।डॉ. यादव ने कहा कि श्रीअन्न से बने खाद्य पदार्थों को मध्याह्न भोजन (एमडीएम) में सम्मिलित करने से बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के साथ मोटे अनाज के पुनरोद्धार को भी बल मिलेगा। हैदराबाद स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ मिलेट्स रिसर्च (IIMR) के अनुसार, मोटे अनाज सिलिएक डिज़ीज के उपचार में लाभकारी होते हैं।

साथ ही विशेषज्ञ इन्हें मधुमेह और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव में सहायक मानते हैं।इस अवसर पर एडीओ कृषि धर्मेंद्र कुमार, एडीओ पंचायत, एडीओ आईएसबी नंद किशोर, राजकुमार यादव सहित अनेक किसान व अधिकारी उपस्थित रहे।

















