राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण: एसआईटी जांच पर पूर्व सीएम के तीखे सवाल,एफआईआर के बिना जांच‘बिना तीर की कमान’
लखनऊ।
विजय आनंद
तहलका 24×7
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बार फिर प्रदेश सरकार और जांच प्रक्रिया पर निशाना साधा है।उन्होंने एसआईटी जांच की प्रभावशीलता पर सवाल उठाते हुए कहा कि एफआईआर के बिना एसआईटी जांच“बिना तीर की कमान”साबित होगी।

अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा कि अब दान में दिए गए‘कागभुसुंडि’के गायब होने की खबर भी सामने आई है, जो बेहद निंदनीय है।उन्होंने आरोप लगाया कि जिस प्रकार प्रतिदिन चढ़ावा,चंदा और दान से जुड़ी कथित अनियमितताओं एवं चोरी के नए खुलासे सामने आ रहे हैं,उससे सनातन धर्मावलंबियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।सपा प्रमुख ने तंज कसते हुए कहा कि हालात ऐसे हैं कि नेपाल सहित अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों पर निगरानी बढ़ाने और सीमाएं सील करने की आवश्यकता पड़ सकती है,ताकि कोई भी आरोपी फरार न हो सके।

उन्होंने एसआईटी के गठन की मंशा पर भी प्रश्नचिह्न लगाते हुए कहा कि जब लगातार नए खुलासे हो रहे हैं, तब यह जांच क्या हासिल कर पाएगी।अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि यह जांच वास्तविक तथ्यों तक पहुंचने के बजाय मामले को“ढंकने”या“बांटने” के उद्देश्य से बनाई गई प्रतीत होती है।राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है,जबकि मामले की जांच और तथ्यों को लेकर विभिन्न पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।


















