सिंदूरपुरम होगा फतेहाबाद का नाम, प्रस्ताव पारित, 367 साल पूर्व औरंगजेब ने रखा था नाम

सिंदूरपुरम होगा फतेहाबाद का नाम, प्रस्ताव पारित, 367 साल पूर्व औरंगजेब ने रखा था नाम

आगरा।
तहलका 24×7
              पाकिस्तान में घुसकर किए गए ऑपरेशन सिंदूर को यादगार बनाने के लिए जिले के फतेहाबाद कस्बा का नाम सिंदूरपुरम रखने का प्रस्ताव जिला पंचायत की सोमवार को बोर्ड बैठक में पारित किया गया। जिसपर सदस्यों ने मुहर लगाई है। अब यह प्रस्ताव यूपी सरकार के पास भेजा जाएगा। इसके बाद फतेहाबाद कस्बा और विधानसभा का नाम भी सिंदूरपुरम करने पर मुहर लगेगी।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया ने सत्र 2025-26 के लिए पंचायत की विकास योजनाओं, सांस्कृतिक पहलों, पर्यावरणीय संरक्षण और सामाजिक उत्थान के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी साझा की। बोर्ड की बैठक में गांव, विरासत और विकास की दिशा में ठोस निर्णय लिए गए। जिसमें गांवों में चिल्ड्रन पार्क और सभा स्थल के नाम भी महापुरुषों के नाम किए जाने पर मुहर लगी है। जिससे युवा पीढ़ी अपने महापुरुषों के बारे में जान सकेगी, उन्हें प्रेरणा मिलेगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बहुप्रयोजन चिल्ड्रन पार्कों और सभा स्थलों का निर्माण किया जाएगा, जो चिल्ड्रन पार्क और सभा स्थल बनाए जाएंगे उनके नाम देश की महान विभूतियों के नाम पर रखे जाएंगे। जिनमें महारानी आहिल्याबाई, महर्षि परशुराम, राणा सांगा, छत्रपति शिवाजी महाराज, महाराजा सूरजमल, डॉ. भीमराव आंबेडकर, चन्द्रगुप्त मौर्य, सम्राट अशोक, पृथ्वीराज चौहान, महाराजा अग्रसेन, निषादराज गुहा, स्वामी विवेकानन्द, महाराज मिहिर भोज, कर्पूरी ठाकुर, झलकारी बाई, लक्खीशाह बंजारा समेत अन्य महान विभूती शामिल हैं।
इसके साथ ही कुछ स्थानों पर महापुरुषों की मूर्तियां भी लगवाई जाएंगी। जिला पंचायत अध्यक्ष ने बताया कि जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में सर्वसम्मति से फतेहाबाद कस्बा और विधानसभा क्षेत्र का नाम बदलकर ‘सिन्दूरपुरम्’ करने का प्रस्ताव रखा गया, जो पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की पाकिस्तान में घुसकर किए गए ऑपरेशन सिंदर की विजयगाथा को समर्पित है। इसके साथ ही फतेहाबाद के बादशाही बाग का नाम बदलकर श्री ब्रह्माबाग करने का भी प्रस्ताव रखा गया। यह भारत की सांस्कृतिक और सामरिक चेतना को दर्शाएगा।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि जब औरंगजेब ने आगरा के पास स्थित सामूगढ के युद्ध में सन् 1658 में अपने सगे भाई दाराशिकोह को हराया था। सामूगढ की जीत के बाद ही औरंगजेब ने फतेहाबाद नाम रखा था। क्योंकि, इसके बाद ही मुगल सल्तनत की कमान औरंगजेब को मिली थी। ऐसे में गुलामी के प्रतीक फतेहाबाद कस्बा व फतेहाबाद विधान सभा का नाम बदलकर भारत की जीत के प्रतीक ऑपरेशन सिंदूर के नाम पर सिन्दूरपुरम् रखा जाए। इसके साथ ही गुलामी का प्रतीक बादशाही बाग का नाम ब्रह्मोस मिसाइल जगतपिता ब्रहमा जी के नाम पर श्री ब्रह्माबाग रखने का प्रस्ताव पारित किया गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने बताया कि बैठक में निर्णय लिए गए कि अब 300 वर्गमीटर से बड़े भवन या व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाना अनिवार्य है। जिसकी निगरानी की जाएगी। इसके साथ ही जिले में पर्यावरण संरक्षण के लिए पंचायत स्तर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान शुरू किया जाएगा। जिससे जिले में अधिक से अधिक पौधरोपण किया जाएगा। जिले में पीने योग्य जल की व्यवस्था के लिए पंचायत की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में आरओ प्लांट्स लगाए जा रहे हैं। शौचालय, स्नानघर, पेयजल संयोजन सहित बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।
सड़कों की मरम्मत, नई सीसी सड़कें, नाली निर्माण और इंटरलॉकिंग के कार्य त्वरित गति किए जाएंगे।बैठक में बड़ोबरा खुर्द का मिनी स्टेडियम एक माह में तैयार होने की जानकारी दी गई। जिसका लोकार्पण ग्रामीण क्रिकेट लीग से किया जाएगा। इसके साथ ही एत्मादपुर, जैतपुर कलां व मेवली कलां में भी मिनी स्टेडियम बनाए जाएंगे। एत्मादपुर में इंडोर हॉल का निर्माण भी प्रस्तावित है। जिले में भूजल स्तर बढ़ाने के लिए नए जलाशयों का निर्माण और पुराने जलाशयों का गहरीकरण किया जाएगा।
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