सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर विधायक अब्बास अंसारी जेल से रिहा
लखनऊ।
तहलका 24×7
मऊ के सदर विधायक अब्बास अंसारी को सुप्रीम कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट में अंतरिम जमानत दे दी थी। जिसके बाद परवाना कासगंज जिला जेल में पहुंच तो उनकी रिहाई हो गई। रिहाई को लेकर जिला कारागार पर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम रहे।विधायक अब्बास अंसारी 15 फरवरी 2023 को चित्रकूट जेल से ट्रांसफर होकर कासगंज में आए थे।

चित्रकूट प्रशासन द्वारा आरोप था कि वह अपनी पत्नी से अवैध मुलाकात करते थे, इसके बाद उन्हें कासगंज जेल शिफ्ट कर दिया गया था। उन पर चित्रकूट पुलिस ने जेल में रहते हुए गैंग चलाने के आरोप में उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में केस दर्ज किया था। सुप्रीम कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट में अंतरिम जमानत दे दी थी, लेकिन उनका परवाना किसी कारणवश कासगंज जिला जेल नहीं आ सका। वह कासगंज जिला जेल में 2 साल 24 दिन तक निरुद्ध रहे।

मुख्तार अंसारी के विधायक बेटे अब्बास अंसारी को कासगंज जिला कारागार की हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया था, जिसमें वह दो साल 24 दिन तक निरुद्ध रहे। अब्बास शांत स्वभाव के बंदी थे, दिनभर वह अल्लाह की इबादत और धार्मिक किताबों को पढ़कर समय बिता रहे थे। आज रिहाई की खबर मिलते ही उन्होंने अल्लाह का शुक्रिया अदा किया।जिला कारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक विजय विक्रम सिंह ने बताया कि अब्बास अंसारी का परवाना आ चुका था। उनकी दोपहर दो बजे रिहाई कर दी गई। रिहाई के समय सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम पर्याप्त थे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अब्बास को रिहा किया गया।


















