सोने की चिड़िया नहीं, अब भारत को शेर बनने का समय आ गया : भागवत

सोने की चिड़िया नहीं, अब भारत को शेर बनने का समय आ गया : भागवत

कोच्चि।
तहलका 24×7
              आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि दुनिया शक्ति को समझती है, इसलिए भारत को आर्थिक रुप से भी सशक्त और समृद्ध बनना होगा। भागवत ने कहा कि भारत को अब सोने की चिड़िया बनने की जरुरत नहीं, बल्कि अब शेर बनने का समय आ गया है।आरएसएस से जुड़े शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास द्वारा आयोजित राष्ट्रीय शिक्षा सम्मेलन ‘ज्ञान सभा’ में बोलते हुए उन्होंने कहा, यह जरूरी है क्योंकि दुनिया शक्ति को समझती है, इसलिए भारत को सशक्त बनना चाहिए।
उसे आर्थिक रुप से भी समृद्ध बनना होगा। भागवत ने यह भी कहा कि भारत व्यक्तिवाचक संज्ञा है, इसका अनुवाद इस रुप में नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा भारत एक व्यक्तिवाचक संज्ञा है। इसका अनुवाद इंडिया भारत नहीं होना चाहिए। यह सच है, लेकिन भारत, भारत ही है। इसलिए, बातचीत, लेखन और भाषण के दौरान चाहे वह व्यक्तिगत हो या सार्वजनिक, हमें भारत को भारत ही रखना चाहिए।आरएसएस प्रमुख ने कहा, भारत को भारत ही रहना चाहिए।
भारत की पहचान का सम्मान है क्योंकि यह भारत है। अगर आप अपनी पहचान खो देते हैं, तो आपके पास चाहे जितने भी अच्छे गुण हों, आप इस दुनिया में कभी भी सम्मानित या सुरक्षित नहीं रहेंगे। यही मूल सिद्धांत है। संघ प्रमुख ने अपने भाषण में कहा कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो व्यक्ति को कहीं भी अपने दम पर जीवित रहने में सक्षम बनाए। उन्होंने कहा ‘भारतीय’ शिक्षा त्याग और दूसरों के लिए जीना सिखाती है। अगर कोई चीज किसी व्यक्ति को स्वार्थी होना सिखाती है, तो वह शिक्षा नहीं है।उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल स्कूली शिक्षा नहीं है, बल्कि घर और समाज का वातावरण भी है।
इसलिए समाज को यह भी सोचने की जरुरत है कि अगली पीढ़ी को अधिक जिम्मेदार और आत्मविश्वासी बनाने के लिए किस तरह का माहौल बनाया जाए।भागवत ने कहा शिक्षा प्राप्त करने के पीछे एक छोटा सा उद्देश्य यह है कि आप अपने जीवन में स्वयं खड़े हो सकें और अपने परिवार को अक्षुण्ण रख सकें। कहा विकसित भारत, विश्व गुरु भारत, अब भी युद्ध का कारण नहीं बनेगा, कभी शोषण नहीं करेगा। हम मैक्सिको से साइबेरिया तक गए हैं, हम पैदल चले हैं, हम छोटी नावों में गए हैं।
हमने किसी के क्षेत्र पर आक्रमण करके उसे बर्बाद नहीं किया। हमने किसी का देश नहीं हड़पा। हमने सभी को सभ्यता सिखाई। आप भारतीय ज्ञान की परंपरा देखिए। परंपरा का मूल उस सत्य में है।आरएसएस प्रमुख ने कहा कि योगी अरविंद ने कहा कि सनातन धर्म का उत्थान ईश्वर की इच्छा है और सनातन धर्म के उत्थान के लिए हिंदू राष्ट्र का उदय नियत है। ये उनके शब्द हैं और हम देखते हैं कि आज की दुनिया को इस दृष्टिकोण की आवश्यकता है।इसलिए हमें पहले यह समझना होगा कि भारत क्या है।
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