5 हजार दो,15 हजार लो: ‘चिल्ड्रन बैंक’के नोटों से करोड़ों की ठगी! बिहार में बड़ा खुलासा
मोतिहारी।
तहलका 24×7
पूर्वी चंपारण जिले में पुलिस ने कथित जाली नोट और ठगी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करने का दावा किया है।भोपतपुर गांव में हुई छापेमारी के दौरान चार लोगों को हिरासत में लिया गया।हालांकि, पुलिस ने अब तक बरामदगी और आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।पुलिस सूत्रों के अनुसार,कार्रवाई में करीब एक करोड़ रुपये के संदिग्ध फर्जी नोट,13 लाख रुपये नकद,38 सोने के बिस्किट (फाइन व रोल गोल्ड),हथियार, कारतूस और एक वाहन बरामद हुआ है।

सभी सामान की जांच की जा रही है।छापेमारी का नेतृत्व जितेश पांडेय ने किया।अभियान में दो प्रशिक्षु डीएसपी,पांच थानों की पुलिस,जिला आसूचना इकाई और अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।पूछताछ में सामने आया कि गिरोह लोगों को लालच देता था कि 5 हजार रुपये देने पर 15 हजार रुपये के जाली नोट मिलेंगे,जो आसानी से बाजार में चल जाएंगे।शुरुआत में भरोसा जीतने के लिए कथित तौर पर ग्राहकों को असली नोट दिए जाते थे।

जब वे नोट बाजार में चल जाते थे तो पीड़ित का विश्वास बढ़ जाता था और वह अधिक रकम लेकर दोबारा गिरोह के संपर्क में पहुंचता था।इसके बाद बड़ी रकम की डील में नोटों की गड्डी के ऊपर और नीचे असली नोट रखे जाते थे,जबकि बीच में ‘Children Bank’ लिखे नकली नोट भर दिए जाते थे।पैकिंग इतनी सटीक होती थी कि पहली नजर में पूरी गड्डी असली दिखाई देती थी। सूत्रों के मुताबिक,पांच लाख रुपये या उससे अधिक की डील करने वालों को सुनसान जगह बुलाया जाता था।

वहां गिरोह के अन्य सदस्य पुलिस की वर्दी पहनकर फर्जी छापेमारी करते और पूरी रकम जब्त करने के नाम पर लेकर फरार हो जाते थे।पीड़ित अवैध सौदे में शामिल होने के कारण शिकायत करने से भी कतराते थे।पुलिस अब बरामद हथियार, कारतूस, मोबाइल फोन,दस्तावेज और वाहन की जांच कर रही है।यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह के तार दूसरे जिलों या राज्यों तक जुड़े हैं या नहीं।एसडीपीओ जितेश पांडेय ने कहा कि जांच पूरी होने और बरामद सामान की पुष्टि के बाद ही पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा किया जाएगा।
















