गोपीपुर की रामलीला में अंगद- रावण संवाद देख दर्शक हुए रोमांचित

गोपीपुर की रामलीला में अंगद- रावण संवाद देख दर्शक हुए रोमांचित

जौनपुर। 
विश्व प्रकाश श्रीवास्तव 
तहलका 24×7 
                सिरकोनी ब्लाक अन्तर्गत गोपीपुर गांव में 175 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक बुढ़वा बाबा रामलीला समिति के तत्वावधान में गुरुवार की रात चल रही रामलीला में लंका दहन, अंगद-रावण संवाद, विभीषण शरणागति का भावपूर्ण लीला का मंचन हुआ। इसके पूर्व गुरुवार की रात रामलीला का शुभारम्भ भाजपा नेता अरविंद्र सिंह, प्रबन्धक संतोष कुमार मिश्रा सुग्गू ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया और डॉ हर्ष विक्रम सिंह व शिवेंद्र सिंह ने प्रभु श्रीराम माता जानकी व भ्राता लक्ष्मण की आरती उतारकर किया।
इस दौरान रामलीला समिति के संरक्षक रविन्द्र बहादुर सिंह पप्पू, जय नाथ, प्रबंधक संतोष दादा, उप प्रबंधक अमित सिंह, डायरेक्टर मनोज सिंह, पप्पू महाजन, उप डायरेक्टर सूर्यभान सिंह, प्रधान आरती अखिलेंद्र सिंह, शिव शंकर सिंह बचानू, युवा सपा नेता अतुल सिंह, ओमप्रकाश सिंह पप्पू, अवनीश चौबे, हीरा गुप्ता, क्षेत्र पंचायत सदस्य दीपक सिंह, सत्य प्रकाश सिंह सत्तू ने आए हुए अतिथियों का माल्यार्पण कर व स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया।
गुरुवार की रात रामलीला में अंगद-रावण संवाद के दृश्य में अंगद रावण से कहता है कि हे रावण! मैं श्रीराम का दूत बनकर आया हूं।
श्रीराम का संदेश है कि आप सीता मैया को ससम्मान वापस पहुंचा दीजिए नहीं तो लंका का विनाश निश्चित है। इस पर रावण क्रोध में आकर कहता है कि जो तुम्हारे पिता बलि को मार दिया, उन्हीं का गुणगान कर रहे हो। इसके बाद अंगद-रावण में काफी संवाद के बाद अंगद अपना पैर जमा कर कहता है कि अगर तुम्हारे दरबार में जो सबसे ताकतवर हो, वह मेरा पैर उठाकर दिखाए तो आप जैसा कहेंगे, हम वैसा करेंगे। बारी-बारी सभी पैर उठाने लगे लेकिन किसी से भी पैर नहीं उठा। इसके बाद रावण उठता है और अंगद का पैर उठाने चलता है। जिस पर अंगद कहते हैं कि मेरे पैर छूने से क्या फायदा। अगर छूना है तो प्रभु श्रीराम के पैर को छुए जो आपको माफ कर सकते हैं। यह दृश्य देखकर दर्शक रोमांचित हो उठते हैं और श्रीराम व अंगद का जयकारा लगाने लगते हैं जिससे पूरा पण्डाल गुंजायमान हो उठता है। रामलीला में हनुमान व सीता का संवाद देख लोग भाव-विभोर हो उठे।
मंचन में अंगद की भूमिका मनीष सिंह, रावण की भूमिका सिंटू, सीता की भूमिका नवरत्न सिंह तथा श्रीराम व लक्ष्मण की भूमिका क्रमशः अमन व शिवा ने निभाई। रामलीला का संचालन कामरेड जय प्रकाश सिंह व अमित सिंह जुगुनू ने किया। इस अवसर पर संरक्षक छोटेलाल सिंह मास्टर, हीरा गुप्ता, चेत नारायण, भोले सिंह, प्रधान संजय सिंह, मिथिलेश सिंह, अनुज सिंह, भीम यादव, संजू गुप्ता, रमेश सिंह, रजनीश चौबे, शैलेश यादव, रिंकज सिंह संतोष सिंह एडवोकेट, विपिन पिन्टू सिंह, अभय राज, हरिकेश सिंह, अनिल सिंह, दीपक श्रीवास्तव पत्रकार, शुभांशु जायसवाल, प्रभाकर सिंह, वन्देश सिंह आदि उपस्थित रहे।
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