जौनपुर : कथित पत्रकार निकला ईरानी गैंग का सरगना…

जौनपुर : कथित पत्रकार निकला ईरानी गैंग का सरगना…

# रायबरेली में मुठभेड़ के दौरान हुई गिरफ्तारी, पुलिस ने किया कई घटनाओं का खुलासा

शाहगंज।
रवि शंकर वर्मा
तहलका 24×7
                क्षेत्र में संगठित ढंग से ईरानी लुटेरा गैंग सक्रिय रहता है। गैंग ने क्षेत्र में शरण लेने की जगह बना रखी है। प्रदेश में वारदातों को अंजाम देने के बाद यहां पहुंच कर अपनी पहचान छुपाकर रहने लगते हैं। इस गैंग का सरगना खुद को एक टीवी पोर्टल का पत्रकार बता कर काफी धौंस जमा रखी है। इस बात का खुलासा रायबरेली में ईरानी गैंग की गिरफ्तारी के बाद हुआ है।

क्षेत्र के शाहगंज नगर और बड़ागांव में ईरानी मूल के लोग भारी संख्या में रहते हैं। इन लोगों ने आवास बना रखा है। छुटभैये नेताओं की मदद से इनके मतदाता पहचान पत्र और फर्जी तथ्यों के आधार पर आधार कार्ड तक इनके पास उपलब्ध है। इस गिरोह का सरगना क्षेत्र में खुद को एक टीवी पोर्टल का पत्रकार बताता है और कोतवाली से लेकर तहसील के सीओ व एसडीएम तक पर रौब गालिब करता है। यह जीरो टारलेंस वाले प्रदेश के विभिन्न जनपदों में छिनैती लूट व टप्पेबाजी आदि घटनाओं को अंजाम देता रहता है। गिरोह के सदस्य घटनाओं को अंजाम देने के बाद क्षेत्र में पहुंचकर खुद को पुलिस की नजरों से बचा लेते हैं।

गत शुक्रवार को रायबरेली में मुठभेड़ के दौरान गिरोह के सरगना बड़ागांव निवासी पठान अली, इरफान, इंजमाम अली, राहुल सक्सेना ताहिर व निसार को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया। पुलिस की पूछताछ में कई घटनाओं का खुलासा हुआ। इस गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र के लोगों ने गिरोह की मौजूदगी के बावजूद पुलिस के उदासीन रवैया को लेकर काफी चर्चाएं हैं।

सूत्रों की मानें तो पठान अली शाहगंज के भादी खास मोहल्ले में आकर रहने लगा था। यहां वोट की लालच में सभासद प्रत्याशी द्वारा केवल उसका ही नहीं बल्कि सैकड़ों की संख्या में ईरानी मूल निवासियों का मतदाता पहचान पत्र बनवाया। बरेली का आरोपी पठान अली पांच साल पहले क्षेत्र के बड़ागांव में बस गया। पूर्व प्रधान की कृपा पात्र हो जाने पर यहां से उसका वोटर आईडी और यहीं के पते पर राशन कार्ड, आधार कार्ड बन गया। प्रधान के पूर्व होते ही वह घर छोड़कर सरपतहां थाना क्षेत्र के सराय मोहिउद्दीनपुर में किराये के मकान में रहकर कथित पत्रकार की हैसियत से आमजन पर धौंस ज़माने के साथ अधिकारियों पर रौब ग़ालिब करते हुए अपना छोटा मोटा काम कराने में सफल रहा है। छह माह पूर्व अयोध्या पुलिस ने स्थानीय कोतवाली से गिरफ्तार किया था।बावजूद इसके वह पुलिस की आँखों का तारा बना रहा। कथित पत्रकार की बरेली में मुठभेड़ के दौरान हुई गिरफ्तारी नगर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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