जौनपुर : राजदेई सिंह महिला महाविद्यालय में ध्वजारोहण कर किया गया शहीदों को नमन्
शाहगंज।
राजकुमार अश्क
तहलका 24×7
सरकार द्वारा जारी कोरोना गाइडलाइन का पूर्ण रूप से पालन करते हुए ताखा पश्चिम में स्थित शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने वाले राजदेई सिंह महिला महाविद्यालय में सादगी के साथ गणतंत्र दिवस मनाया गया। महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ राघवेंद्र प्रताप सिंह ने राष्ट्रीय ध्वज को फहराने के पश्चात् अपने सम्बोधन में कहा कि हमारा संविधान पूरे विश्व का एक अनूठा संविधान होने के साथ साथ सबसे बड़ा भी है यह हमें अगर अधिकार देता है तो अपने कर्तव्य के प्रति भी सजग होकर उसका निर्वहन करने के लिए प्रेरित करता है। इसको लिखित और मूर्त रूप देने में 2 साल 11 महीने और 18 दिन का समय लगा था।आजादी हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है मगर हमें किसी के अधिकारों का हनन करके अपने अधिकार की बात नहीं करनी चाहिए।

आजादी के दिवानों ने कितनी कठिनाइयों का सामना करने के पश्चात् यह आजादी प्राप्त की है, हमें उनके बलिदान को याद करते हुए इस आजादी के दीपक को हमेशा जलाए रखना है, आज से 73 वर्ष पहले जो संविधान हमें हमारे महापुरुषों ने हमें उपहार स्वरूप दी है उस उपहार की हिफाजत करना उसकी रक्षा करना हमारा दायित्व बनता है, हमें अपने दायित्व का सही से निर्वहन करना चाहिए, हमें यह नहीं सोचना चाहिए कि हमें देश ने क्या दिया बल्कि हमें यह सोचना चाहिए कि हम देश को क्या दे रहे हैं? जब हमारे अंदर यह भावना आ जाएगी उसी दिन हम देश हित की बात करने लगेगें, हमारी यही सोच हमारे उन वीर सपूतों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। हमें देश हित से जुड़ा प्रति दिन एक ऐसा काम अवश्य करना चाहिए जिससे समाज में हर वर्ग का भला हो, आइए आज हम सब मिल कर यह संकल्प लें कि हम प्रति दिन अपने सामर्थ्य के अनुसार एक ऐसा काम अवश्य करेगें जिससे समाज का हित होता हो, हमें आज गणतंत्र दिवस के इस पावन पर्व पर एक और संकल्प लेना चाहिए कि हम अपने जीवन के उन यादगार दिनों को और यादगार बनाने के लिए एक फलदार या छायादार वृक्ष अवश्य लगाएगे और पूरी लगन के साथ उसकी देखभाल करेगें।



















