जौनपुर : साहिबजादा जोरावर, फतेहसिंह का बलिदान सदा प्रेरणादायक- कुलसचिव
# भाषण प्रतियोगिता में उद्देश्य प्रथम, आदित्य द्वितीय और विशाल को तृतीय स्थान
जौनपुर।
विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
तहलका 24×7
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के संकाय भवन स्थित कान्फ्रेंस हाल में शुक्रवार को उच्च शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश के क्रम में गुरुगोविंद सिंह के साहिबजादे “महान वीर एवं सर्वोच्च बलिदानी साहिबजादा जोरावर सिंह व फतेह सिंह का अमर बलिदान पर कृतज्ञ राष्ट्र” विषयक भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह आयोजन जनसंचार विभाग की ओर से आयोजित किया गया।मुख्य अतिथि कुलसचिव महेंद्र कुमार ने कहा कि गुरुगोविंद सिंह के बलिदानियों सुपत्रों जैसा अपूर्व साहस किसी भी देश के इतिहास में नहीं मिलता है जहां अपने सिद्धांत पर बलिदान होना स्वीकार हो।

उन्होंने कहा कि साहिबजादा जोरावर एवं फतेहसिंह ने अपने बलिदान से जिस इतिहास का सृजन किया है वह सभी भारतीयों को सदा प्रेरणा देगा। प्रतियोगिता के समन्वयक एवं जनसंचार विभागाध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र ने कवि के कथन को संदर्भित करते हुए कहा कि कहीं पर्वत झुके भी हैं, कहीं दरिया रुके भी हैं, नही रुकती जवानी है, नहीं रुकती रवानी है। उन्होंने कहा कि धन्य है गुरुगद्दी परम्परा, गुरु पुत्र और अपनी पुण्य धरा जहां गुरुगोविंद सिंह जी के ऐसे सच्चे सपूतों ने जन्म लिया। जिन्होंने अन्याय के सामने सिर नहीं झुकाया और हंसते- हंसते अपने स्वाभिमान व धर्म के लिए दीवार में चुन लिया जाना स्वीकार किया।

अध्यक्षता करते हुए प्रो प्रदीप कुमार ने कहा कि ऐसे वीर बलिदानियों का स्मरण युवा पीढ़ी को राष्ट्र स्वाभिमान के प्रति जागृत करेगा। आज इनके बलिदान के यथार्थ को जान कर हमारे विद्यार्थी आत्मसम्मान और राष्ट्र प्रेम से सिंचित होंगे।
भाषण प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल द्वारा विश्वविद्यालय के विद्यार्थी उद्देश्य सिंह को प्रथम, आदित्य नारायण दुबे को द्वितीय एवं विशाल यादव को तृतीय पुरस्कार दिया गया।निर्णायक मंडल के रूप में डॉ अनु त्यागी, डॉ झांसी मिश्रा एवं डॉ दिव्येन्दु मिश्र रहे। स्वागत डॉ मनोज कुमार पांडेय द्वारा एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ विनय कुमार वर्मा ने किया। इस अवसर पर परिसर के शोधार्थी एवं विभिन्न विभागों के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
















