ट्विशा शर्मा हत्या के मामले में पूर्व जज गिरिबाला सिंह गिरफ्तार
भोपाल।
तहलका 24×7
चर्चित ट्विशा शर्मा डेथ केस में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है।मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत रद्द किए जाने के बाद सीबीआई ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तारी से पहले सीबीआई की टीम ने करीब छह घंटे तक उनसे पूछताछ की।जानकारी के अनुसार सीबीआई के तीन अधिकारी बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे गिरिबाला सिंह के भोपाल स्थित आवास पहुंचे थे।

इस दौरान टीम ने घर का डिजिटल नक्शा तैयार किया और मामले से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर पूछताछ की।इस दौरान उनके वकील इनोश जॉर्ज कार्लो भी मौके पर पहुंचे।हाईकोर्ट ने अपने आदेश में ट्विशा शर्मा के शरीर पर मिले सात चोटों के निशानों का उल्लेख करते हुए कहा था कि जांच में गिरिबाला सिंह के खिलाफ गंभीर आरोप सामने आए हैं।कोर्ट ने यह भी माना कि अग्रिम जमानत मिलने के बाद आरोपित जांच में सहयोग नहीं कर रही थीं।

अदालत ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए राहत देना उचित नहीं था।सीबीआई ने सुनवाई के दौरान कोर्ट में दावा किया कि ट्विशा शर्मा के शरीर पर चोट के निशान थे,जिनका संतोषजनक जवाब ससुराल पक्ष नहीं दे पाया।मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर एजेंसी ने कहा कि ये चोटें शव को फंदे से उतारते समय नहीं आई थीं। जांच एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर वीडियो के चुनिंदा हिस्से वायरल कर सबूतों को प्रभावित करने की कोशिश की गई।

सीबीआई के अनुसार,वॉट्सऐप चैट्स और गवाहों के बयानों से पता चलता है कि ट्विशा के गर्भवती होने के बाद उनके चरित्र पर संदेह जताया गया था।एजेंसी ने आरोप लगाया कि ट्विशा पर गर्भपात का दबाव बनाया गया और दहेज को लेकर भी प्रताड़ित किया गया। मामले में गिरिबाला सिंह से हिरासत में पूछताछ को जरूरी बताया गया है।सीबीआई भोपाल में इस मामले की जांच के लिए कैंप ऑफिस भी स्थापित करेगी।

इसके लिए एजेंसी ने भोपाल पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है,जहां मामले से जुड़े दस्तावेज और साक्ष्य सुरक्षित रखे जा सकें।गौरतलब है कि 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा मूल रुप से नोएडा की रहने वाली थीं।उन्होंने एमबीए किया था और दिल्ली में मार्केटिंग एवं कम्युनिकेशन सेक्टर में काम किया था।वह मॉडलिंग से भी जुड़ी रहीं और मिस पुणे का खिताब जीत चुकी थीं।दिसंबर 2025 में उनकी शादी भोपाल के वकील समर्थ सिंह से हुई थी, जो पूर्व सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के बेटे हैं।

12 मई 2026 को ट्विशा शर्मा अपने ससुराल में मृत मिली थीं।पुलिस के अनुसार वह फंदे से लटकी हुई थीं। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का माना गया, लेकिन बाद में परिवार ने दहेज प्रताड़ना,मानसिक उत्पीड़न और दबाव के गंभीर आरोप लगाए।परिवार का दावा है कि मौत से पहले ट्विशा तनाव में थीं और घटना वाली रात वह अपने परिजनों से संपर्क में थीं।इसी आधार पर अब जांच एजेंसियां आत्महत्या के साथ-साथ दहेज प्रताड़ना,मानसिक उत्पीड़न और सबूतों से छेड़छाड़ के पहलुओं पर भी जांच कर रही हैं।


















