दिल्ली में छात्रों पर कथित पुलिस बर्बरता के विरोध में अधिवक्ता समिति ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
शाहगंज,जौनपुर।
एखलाक खान
तहलका 24×7
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कथित पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के विरोध में अधिवक्ता समिति ने बुधवार को उपजिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा।अधिवक्ता समिति के अध्यक्ष लालचंद गौतम एडवोकेट एवं महामंत्री राजीव कुमार सिंह (डब्लू) के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि दिल्ली में शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज,आंसू गैस के गोले का प्रयोग किया गया,जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।

ज्ञापन में इस घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है।
समिति ने अपने ज्ञापन में छह प्रमुख मांगें रखीं।इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पद से हटाने,घायल छात्रों का समुचित इलाज कराने,प्रत्येक घायल छात्र-छात्रा को आर्थिक सहायता देने,मृत छात्र के परिजनों को मुआवजा एवं सरकारी नौकरी देने,दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने तथा छात्रों पर हमला करने वाले कथित असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग शामिल है।

अधिवक्ता समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है।ऐसे में उनके साथ कथित बल प्रयोग दुर्भाग्यपूर्ण है।समिति ने राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप कर न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।तहसील परिसर में प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने जमकर सरकार विरोधी नारे लगाए।


















